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27 Sep 2023 · 1 min read

“प्रेम सपन सलोना सा”

“प्रेम सपन सलोना सा”
प्रेम तो सपन सलोना सा
मानो अनमोल नगीना सा
राह में आये अगर उलझन
कदम जरा सा मोड़ देना।
गिनना चाहो आकाश के तारे
एक नहीं अनगिनत सारे
बुनकर सब सजीले सितारे
एक बहुरंगी चुनर जोड़ देना।

9 Likes · 6 Comments · 178 Views
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