Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jun 2023 · 1 min read

प्रेम एक सहज भाव है जो हर मनुष्य में कम या अधिक मात्रा में स

प्रेम एक सहज भाव है जो हर मनुष्य में कम या अधिक मात्रा में संचरित होता है। यह भ्रम मात्र ही हो सकता है कि अमुक व्यक्ति प्रेम युक्त है, अमुक नहीं।

एक नितांत निरंकुश और अपराध वृत्ति के व्यक्ति का हृदय भी प्रेम शून्य नहीं हो सकता।

347 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr MusafiR BaithA
View all
You may also like:
Be with someone who motivates you to do better in life becau
Be with someone who motivates you to do better in life becau
पूर्वार्थ
लहरों ने टूटी कश्ती को कमतर समझ लिया
लहरों ने टूटी कश्ती को कमतर समझ लिया
अंसार एटवी
डॉ. नामवर सिंह की दृष्टि में कौन-सी कविताएँ गम्भीर और ओजस हैं??
डॉ. नामवर सिंह की दृष्टि में कौन-सी कविताएँ गम्भीर और ओजस हैं??
कवि रमेशराज
नाथ शरण तुम राखिए,तुम ही प्राण आधार
नाथ शरण तुम राखिए,तुम ही प्राण आधार
कृष्णकांत गुर्जर
"कइयों को जिसकी शक़्ल में,
*Author प्रणय प्रभात*
मतदान जरूरी है - हरवंश हृदय
मतदान जरूरी है - हरवंश हृदय
हरवंश हृदय
बसे हैं राम श्रद्धा से भरे , सुंदर हृदयवन में ।
बसे हैं राम श्रद्धा से भरे , सुंदर हृदयवन में ।
जगदीश शर्मा सहज
जब किसी बज़्म तेरी बात आई ।
जब किसी बज़्म तेरी बात आई ।
Neelam Sharma
पुरानी गली के कुछ इल्ज़ाम है अभी तुम पर,
पुरानी गली के कुछ इल्ज़ाम है अभी तुम पर,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
ये जो फेसबुक पर अपनी तस्वीरें डालते हैं।
ये जो फेसबुक पर अपनी तस्वीरें डालते हैं।
Manoj Mahato
"इफ़्तिताह" ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
जलियांवाला बाग
जलियांवाला बाग
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
दशमेश के ग्यारह वचन
दशमेश के ग्यारह वचन
Satish Srijan
* तेरी सौग़ात*
* तेरी सौग़ात*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
*किसान*
*किसान*
Dr. Priya Gupta
राजनीति में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि क्या मूर्खता है
राजनीति में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि क्या मूर्खता है
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
रूठकर के खुदसे
रूठकर के खुदसे
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
एक अध्याय नया
एक अध्याय नया
Priya princess panwar
सुबह होने को है साहब - सोने का टाइम हो रहा है
सुबह होने को है साहब - सोने का टाइम हो रहा है
Atul "Krishn"
पिता, इन्टरनेट युग में
पिता, इन्टरनेट युग में
Shaily
फितरत की बातें
फितरत की बातें
Mahendra Narayan
एस. पी.
एस. पी.
Dr. Pradeep Kumar Sharma
ममतामयी मां
ममतामयी मां
SATPAL CHAUHAN
हाइपरटेंशन
हाइपरटेंशन
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
ख़ामोशी
ख़ामोशी
कवि अनिल कुमार पँचोली
अगले बरस जल्दी आना
अगले बरस जल्दी आना
Kavita Chouhan
कैसे गाएँ गीत मल्हार
कैसे गाएँ गीत मल्हार
संजय कुमार संजू
गुरू द्वारा प्राप्त ज्ञान के अनुसार जीना ही वास्तविक गुरू दक
गुरू द्वारा प्राप्त ज्ञान के अनुसार जीना ही वास्तविक गुरू दक
SHASHANK TRIVEDI
सनम की शिकारी नजरें...
सनम की शिकारी नजरें...
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
"सफलता की चाह"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...