Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Feb 2024 · 2 min read

प्रिये

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
याद जब भी करो चाहे
जब भी पुकारों दिल की
गहराई यादों की परछाई में।।

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
तुम्हारे प्यार की गलियों में
तुम्हारे चाहतो की राह में
तुम्हारी खुशियों मुस्कान में।।

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
तेरे इश्क इबादत में
तेरे हुस्न के बहार में
तेरे हुस्न इश्क के चाँद चॉदनी की ठंढी छाँव में तेरे नज़रों की नूर में ।।

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
हुस्न ढल जाएगा तेरा ही
चेहरा जवां जज्बे का गुरुर
आईना देख शर्मायेगा तेरे
अरमानो का सूरज शाम को
जायेग तन्हा तेरा वजूद मेरे
दिल दामन का हिस्सा रह जाएगा।।

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
जवां दिल की आग शोलो में
शबनम की बूँद प्यार के खुमार
में भौरों के गुंजन गान में
गुलशन गुलज़ार में।।

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
जिंदगी के दर्द गम में आंसू की
बूँद में तेरे दर्द गम आंसू को
समेटते तेरे दामन से दर्द आंसू
आरजू के आसमान के परिंदों
परवाज़ में।।

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
जिन्दगी के तूफ़ान भँवर में
लड़खड़ाती कश्ती के पतवार में जिंदगी के वीरानियों रेगिस्तान में।।

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
तेरी हर साँसों धड़कन जान में
तेरी बचपन से जवानी की राह में
तेरे हर जज्बे जज्बात में
तपिस सर्द सावन की फुहार
वासंती वयार में।।

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
जिंदगी की मस्ती हस्ती के
हर हद हसरत मुकाम पे
हर उमंग तरंग अंदाज़ आवाज़ में।।

मै मिलूंगा तुम्हे वहीँ प्रिये
जिंदगी के हर लम्हों सुबह
शाम दिन रात जिंदगी के साथ
इंतज़ार इज़हार में जिस्मानी
जिंदगी में साथ।।

मैं मिलूंगा तुम्हे वहीं प्रिये
जिस्मानी जिंदगी के रुक्साति में
रूहानी जिंदगी के रूह में करम
धरम की जिंदगी में या कयामत
और खुदा का करते इन्तज़ार।।

Language: Hindi
46 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
View all
You may also like:
लड्डू बद्री के ब्याह का
लड्डू बद्री के ब्याह का
Kanchan Khanna
■ आज का मुक्तक...
■ आज का मुक्तक...
*Author प्रणय प्रभात*
जिन्दगी ....
जिन्दगी ....
sushil sarna
आजादी की चाहत
आजादी की चाहत
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
रमेशराज के कहमुकरी संरचना में चार मुक्तक
रमेशराज के कहमुकरी संरचना में चार मुक्तक
कवि रमेशराज
Destiny
Destiny
Shyam Sundar Subramanian
मेरे वतन मेरे वतन
मेरे वतन मेरे वतन
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
*दो दिन फूल खिला डाली पर, मुस्काकर मुरझाया (गीत)*
*दो दिन फूल खिला डाली पर, मुस्काकर मुरझाया (गीत)*
Ravi Prakash
वैसे कार्यों को करने से हमेशा परहेज करें जैसा कार्य आप चाहते
वैसे कार्यों को करने से हमेशा परहेज करें जैसा कार्य आप चाहते
Paras Nath Jha
वाह मेरा देश किधर जा रहा है!
वाह मेरा देश किधर जा रहा है!
कृष्ण मलिक अम्बाला
मानवीय संवेदना बनी रहे
मानवीय संवेदना बनी रहे
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
Sometimes you shut up not
Sometimes you shut up not
Vandana maurya
सौतियाडाह
सौतियाडाह
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
मैं हूं आदिवासी
मैं हूं आदिवासी
नेताम आर सी
पानी
पानी
Er. Sanjay Shrivastava
श्री कृष्ण भजन
श्री कृष्ण भजन
Khaimsingh Saini
ऐ मोहब्बत तेरा कर्ज़दार हूं मैं।
ऐ मोहब्बत तेरा कर्ज़दार हूं मैं।
Phool gufran
महिला दिवस विशेष दोहे
महिला दिवस विशेष दोहे
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
कौआ और बन्दर
कौआ और बन्दर
SHAMA PARVEEN
जिंदगी ना जाने कितने
जिंदगी ना जाने कितने
Ragini Kumari
देखना हमको फिर नहीं भाता
देखना हमको फिर नहीं भाता
Dr fauzia Naseem shad
2659.*पूर्णिका*
2659.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
वार्तालाप अगर चांदी है
वार्तालाप अगर चांदी है
Pankaj Sen
साजिशें ही साजिशें...
साजिशें ही साजिशें...
डॉ.सीमा अग्रवाल
नमस्ते! रीति भारत की,
नमस्ते! रीति भारत की,
Neelam Sharma
बसंत
बसंत
Bodhisatva kastooriya
सच तो रोशनी का आना हैं
सच तो रोशनी का आना हैं
Neeraj Agarwal
ज्ञान क्या है
ज्ञान क्या है
DR ARUN KUMAR SHASTRI
उठ जाग मेरे मानस
उठ जाग मेरे मानस
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
तुम तो मुठ्ठी भर हो, तुम्हारा क्या, हम 140 करोड़ भारतीयों का भाग्य उलझ जाएगा
तुम तो मुठ्ठी भर हो, तुम्हारा क्या, हम 140 करोड़ भारतीयों का भाग्य उलझ जाएगा
Anand Kumar
Loading...