Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Jan 2024 · 1 min read

प्रतीक्षा

गत वर्ष जो बीत गया ,

कुछ खट्टी- मीठी ,कड़़वी यादें छोड़ गया ,
कुछ रिश्ते टूटे कुछ नए नातों को जोड़ गया ,

कुछ आशाएं धूमिल हुईंं ,
कुछ अभिलाषाएं स्वप्निल हुईं,

कुछ संकल्प अधूरे रहे ,
कुछ विकल्प पूरे हुए ,

कुछ नियति की मार से घबराए ,
कुछ विश्वास डगमगाए ,

कुछ संघर्षरत हुए ,
कुछ विद्रोह स्वर मुखर हुए ,

कुछ अपेक्षा विमुख हुए ,
कुछ उपेक्षा सन्मुख हुए ,

फिर भी आत्मविश्वास से बढ़ते रहे ,
हर चुनौती को स्वीकार कर लड़ते रहे ,

अपने लक्ष्य पर कर्मनिष्ठा से केंद्रित रहे ,
सुअवसर की प्रतीक्षा में जीवन पथ पर अग्रसर रहे।

Language: Hindi
97 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Shyam Sundar Subramanian
View all
You may also like:
ये, जो बुरा वक्त आता है ना,
ये, जो बुरा वक्त आता है ना,
Sandeep Mishra
तू इश्क, तू खूदा
तू इश्क, तू खूदा
लक्ष्मी सिंह
23/19.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/19.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
महादेवी वर्मा जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
महादेवी वर्मा जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
Harminder Kaur
संवेदना का कवि
संवेदना का कवि
Shweta Soni
प्रभु राम मेरे सपने मे आये संग मे सीता माँ को लाये
प्रभु राम मेरे सपने मे आये संग मे सीता माँ को लाये
Satyaveer vaishnav
💐प्रेम कौतुक-439💐
💐प्रेम कौतुक-439💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
दोहा मुक्तक -*
दोहा मुक्तक -*
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
मुलाक़ातें ज़रूरी हैं
मुलाक़ातें ज़रूरी हैं
Shivkumar Bilagrami
"कुण्डलिया"
surenderpal vaidya
तेरे प्यार के राहों के पथ में
तेरे प्यार के राहों के पथ में
singh kunwar sarvendra vikram
हर एक चेहरा निहारता
हर एक चेहरा निहारता
goutam shaw
*जनवरी में साल आया है (मुक्तक)*
*जनवरी में साल आया है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
साँप और इंसान
साँप और इंसान
Prakash Chandra
शिक्षक
शिक्षक
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Jo kbhi mere aashko me dard bankar
Jo kbhi mere aashko me dard bankar
Sakshi Tripathi
पहले प्रत्यक्ष को
पहले प्रत्यक्ष को
*Author प्रणय प्रभात*
निज़ाम
निज़ाम
अखिलेश 'अखिल'
ज़िंदगी में गीत खुशियों के ही गाना दोस्तो
ज़िंदगी में गीत खुशियों के ही गाना दोस्तो
Dr. Alpana Suhasini
"किसान"
Slok maurya "umang"
पिता
पिता
Sanjay ' शून्य'
कैसा
कैसा
Ajay Mishra
कुछ कहमुकरियाँ....
कुछ कहमुकरियाँ....
डॉ.सीमा अग्रवाल
*ऐलान – ए – इश्क *
*ऐलान – ए – इश्क *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बसंत
बसंत
manjula chauhan
अंबेडकर की रक्तहीन क्रांति
अंबेडकर की रक्तहीन क्रांति
Shekhar Chandra Mitra
दया के सागरः लोककवि रामचरन गुप्त +रमेशराज
दया के सागरः लोककवि रामचरन गुप्त +रमेशराज
कवि रमेशराज
रिवायत
रिवायत
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
बनारस की ढलती शाम,
बनारस की ढलती शाम,
Sahil Ahmad
ग़ज़ल - ख़्वाब मेरा
ग़ज़ल - ख़्वाब मेरा
Mahendra Narayan
Loading...