Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Feb 2017 · 1 min read

पैसे से ही पैसा

कहते हैं, दुनिया में …
पैसे से ही पैसा बनता है….
धन दौलत के व्रक्ष क्यों
उनके घरों में ही लगते हे

कोई कोई तो मेहनत
करते करते मरता
परंतू फिर भी यह पेड़
वहां क्यों नहीं पनपते हैं….

चापलूसी कर कर के
चपरासी भी आज
करोड़ पति बन बैठा है.
और एक कामगार
हाथ का स्किल कर्मचारी
बस हाथ ही मलता है……

कविअजीत कुमार तलवार
मेरठ

Language: Hindi
368 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
View all
You may also like:
*आत्महत्या*
*आत्महत्या*
आकांक्षा राय
भ्रम नेता का
भ्रम नेता का
Sanjay ' शून्य'
आईना
आईना
Sûrëkhâ
2819. *पूर्णिका*
2819. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"वरना"
Dr. Kishan tandon kranti
बोझ लफ़्ज़ों के दिल पे होते हैं
बोझ लफ़्ज़ों के दिल पे होते हैं
Dr fauzia Naseem shad
बेशक प्यार तुमसे था, है ,और शायद  हमेशा रहे।
बेशक प्यार तुमसे था, है ,और शायद हमेशा रहे।
Vishal babu (vishu)
अगर आप नकारात्मक हैं
अगर आप नकारात्मक हैं
*Author प्रणय प्रभात*
सफ़र ए जिंदगी
सफ़र ए जिंदगी
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
चिंतन और अनुप्रिया
चिंतन और अनुप्रिया
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
सितमज़रीफ़ी
सितमज़रीफ़ी
Atul "Krishn"
किसी महिला का बार बार आपको देखकर मुस्कुराने के तीन कारण हो स
किसी महिला का बार बार आपको देखकर मुस्कुराने के तीन कारण हो स
Rj Anand Prajapati
भगतसिंह: एक जीनियस
भगतसिंह: एक जीनियस
Shekhar Chandra Mitra
जीवन और बांसुरी दोनों में होल है पर धुन पैदा कर सकते हैं कौन
जीवन और बांसुरी दोनों में होल है पर धुन पैदा कर सकते हैं कौन
Shashi kala vyas
कैसा होगा कंटेंट सिनेमा के दौर में मसाला फिल्मों का भविष्य?
कैसा होगा कंटेंट सिनेमा के दौर में मसाला फिल्मों का भविष्य?
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
A Dream In The Oceanfront
A Dream In The Oceanfront
Natasha Stephen
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
*पुस्तक समीक्षा*
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
14. आवारा
14. आवारा
Rajeev Dutta
जय जगन्नाथ भगवान
जय जगन्नाथ भगवान
Neeraj Agarwal
अब तो इस वुज़ूद से नफ़रत होने लगी मुझे।
अब तो इस वुज़ूद से नफ़रत होने लगी मुझे।
Phool gufran
12. *नारी- स्थिति*
12. *नारी- स्थिति*
Dr Shweta sood
उतर चुके जब दृष्टि से,
उतर चुके जब दृष्टि से,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
* मुस्कुराना *
* मुस्कुराना *
surenderpal vaidya
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
कुछ लड़कों का दिल, सच में टूट जाता हैं!
कुछ लड़कों का दिल, सच में टूट जाता हैं!
The_dk_poetry
खिलेंगे फूल राहों में
खिलेंगे फूल राहों में
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मन कहता है
मन कहता है
Seema gupta,Alwar
छल छल छलके आँख से,
छल छल छलके आँख से,
sushil sarna
औरतें
औरतें
Neelam Sharma
Loading...