“पुष्प”

कुछ पुष्प होते हैं ऐसे ,
निशा काल में हैं खिलते |
एकाकी तो होते हैं लेकिन ,
सुरभि बयारों में फैलाते |
भीनी -भीनी सुगंध के संग ,
मंद-मंद हैं मुस्काते |
चंदा की अलसाती किरनों में ,
रह -रह कर हैं अंगड़ाई लेते |
रजनी के ये सुंदर पुष्प ,
प्रतिपल हैं आकर्षित करते||
…निधि…

156 Views
You may also like:
அழியக்கூடிய மற்றும் அழியாத
Shyam Sundar Subramanian
दो शरारती गुड़िया
Prabhudayal Raniwal
【31】{~} बच्चों का वरदान निंदिया {~}
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
【20】 ** भाई - भाई का प्यार खो गया **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
मौन की पीड़ा
Saraswati Bajpai
"निरक्षर-भारती"
Prabhudayal Raniwal
कहां चला अरे उड़ कर पंछी
VINOD KUMAR CHAUHAN
जब बेटा पिता पे सवाल उठाता हैं
Nitu Sah
* तु मेरी शायरी *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
यकीन
Vikas Sharma'Shivaaya'
जीने की वजह तो दे
Saraswati Bajpai
पहाड़ों की रानी
Shailendra Aseem
लिखे आज तक
सिद्धार्थ गोरखपुरी
ईश्वरतत्वीय वरदान"पिता"
Archana Shukla "Abhidha"
प्रेम का आँगन
मनोज कर्ण
अपने पापा की मैं हूं।
Taj Mohammad
बचपन
Anamika Singh
पुस्तकें
डॉ. शिव लहरी
पिता का साया हूँ
N.ksahu0007@writer
महका हम करेंगें।
Taj Mohammad
"एक यार था मेरा"
Lohit Tamta
पिता, इन्टरनेट युग में
Shaily
काफ़िर जमाना
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
एक ख़्वाब।
Taj Mohammad
एक पिता की जान।
Taj Mohammad
ख़ूब समझते हैं ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit Singh
My Expressions
Shyam Sundar Subramanian
ऐसी बानी बोलिये
अरशद रसूल /Arshad Rasool
पिता मेरे /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
बिल्ली हारी
Jatashankar Prajapati
Loading...