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2 Nov 2022 · 1 min read

पीड़ादायक होता है

पीड़ादायक होता है
किसी को चाहना
किसी से चाहना
किसी के लिए चाहना
और बावजूद इसके
उसके लिए कुछ भी ना कर पाना
दो कदम भी उनके साथ ना चल पाना
उससे भी अधिक पीड़ादायक होता है
उसी अपने का सब कुछ के बाद भी
बिल्कुल सहज व्यवहार ना करना
बिना किसी शिकवा शिकायत के
निश्चल मुस्कुराना….
उल्टे समझाना कि कोई बात नहीं
आज उदास नहीं , हताश हूं मैं
सचमुच आज खुद से निराश हूं मैं।

©अभिषेक पाण्डेय अभि

34 Likes · 6 Comments · 471 Views
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