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18 Aug 2022 · 1 min read

पावस

रिमझिम पावस की धारा है ।
अंतर आकुल अंगारा है।
सुख सरिता सौरभ सुरत सरस-
चित- चिंतन- चित्र तुम्हारा है।
-लक्ष्मी सिंह
नई दिल्ली

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
4 Likes · 1 Comment · 95 Views
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