Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Apr 2023 · 1 min read

परमात्मा रहता खड़ा , निर्मल मन के द्वार (कुंडलिया)

परमात्मा रहता खड़ा , निर्मल मन के द्वार (कुंडलिया)
■■■■■■■■■■■■■■■■■■
परमात्मा रहता खड़ा , निर्मल मन के द्वार
जहॉंं कपट बिल्कुल नहीं ,जहॉं न छल-व्यवहार
जहॉं न छल-व्यवहार , सरलता शोभा पाती
मौन शांत मुस्कान , हमेशा प्रभु को भाती
कहते रवि कविराय , वही है शुद्ध महात्मा
जिसे न कोई बैर , मिले उसको परमात्मा
■■■■■■■■■■■■■■■■■■
रचयिता : रवि प्रकाश ,बाजार सर्राफा
रामपुर (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99976 15451

586 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
रख हौसला, कर फैसला, दृढ़ निश्चय के साथ
रख हौसला, कर फैसला, दृढ़ निश्चय के साथ
Krishna Manshi
आज का चयनित छंद
आज का चयनित छंद"रोला"अर्ध सम मात्रिक
rekha mohan
*दादी ने गोदी में पाली (बाल कविता)*
*दादी ने गोदी में पाली (बाल कविता)*
Ravi Prakash
दौलत से सिर्फ
दौलत से सिर्फ"सुविधाएं"मिलती है
नेताम आर सी
बाबू
बाबू
Ajay Mishra
सूनी बगिया हुई विरान ?
सूनी बगिया हुई विरान ?
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
*शिक्षक*
*शिक्षक*
Dushyant Kumar
Jo Apna Nahin 💔💔
Jo Apna Nahin 💔💔
Yash mehra
तुझको को खो कर मैंने खुद को पा लिया है।
तुझको को खो कर मैंने खुद को पा लिया है।
Vishvendra arya
पथिक तुम इतने विव्हल क्यों ?
पथिक तुम इतने विव्हल क्यों ?
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
पिता
पिता
Kanchan Khanna
अमर क्रन्तिकारी भगत सिंह
अमर क्रन्तिकारी भगत सिंह
कवि रमेशराज
प्रकाशित हो मिल गया, स्वाधीनता के घाम से
प्रकाशित हो मिल गया, स्वाधीनता के घाम से
Pt. Brajesh Kumar Nayak
हाँ, ये आँखें अब तो सपनों में भी, सपनों से तौबा करती हैं।
हाँ, ये आँखें अब तो सपनों में भी, सपनों से तौबा करती हैं।
Manisha Manjari
धरती माँ ने भेज दी
धरती माँ ने भेज दी
Dr Manju Saini
कभी कभी
कभी कभी
Shweta Soni
आप अच्छे हो उससे ज्यादा,फर्क आप कितने सफल
आप अच्छे हो उससे ज्यादा,फर्क आप कितने सफल
पूर्वार्थ
रिमझिम बारिश
रिमझिम बारिश
अनिल "आदर्श"
जन्मदिन विशेष : अशोक जयंती
जन्मदिन विशेष : अशोक जयंती
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
खेल संग सगवारी पिचकारी
खेल संग सगवारी पिचकारी
Ranjeet kumar patre
तन्हा
तन्हा
अमित मिश्र
एक छोटी सी मुस्कान के साथ आगे कदम बढाते है
एक छोटी सी मुस्कान के साथ आगे कदम बढाते है
Karuna Goswami
बच्चे बूढ़े और जवानों में
बच्चे बूढ़े और जवानों में
विशाल शुक्ल
Success rule
Success rule
Naresh Kumar Jangir
बल से दुश्मन को मिटाने
बल से दुश्मन को मिटाने
Anil Mishra Prahari
ज़िन्दगी और प्रेम की,
ज़िन्दगी और प्रेम की,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Rainbow on my window!
Rainbow on my window!
Rachana
सावनी श्यामल घटाएं
सावनी श्यामल घटाएं
surenderpal vaidya
रदुतिया
रदुतिया
Nanki Patre
"हँसी"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...