Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Mar 2024 · 1 min read

पति मेरा मेरी जिंदगी का हमसफ़र है

वो साथ है तो फिर मुझे क्या फिक्र है
पति मेरा मेरी जिंदगी का हमसफ़र है
पति मेरा मेरी जिंदगी का …………
लग्न हुआ तो उनके खयाल देखने लगी
नव जीवन के मैं नए ख्वाब देखने लगी
पूछने लगे सब अपने ध्यान किधर है
पति मेरा मेरी जिंदगी का…………
सात फेरे हुए तो सात खाई थी कसमें
सुख-दुख सहेंगे साथ ना तोड़ेंगे कसमें
सीखा उनके साथ होता कैसे गुजर है
पति मेरा मेरी जिंदगी का………..
करते हैं खयाल मेरा रखते हैं मान से
चाहते हैं मुझको सच्च में जी-जान से
मैं भी सच्ची उनके प्रति तो ये कद्र है
पति मेरा मेरी जिंदगी का……….
‘V9द’ पतिधर्म को सब कुछ जानिए
पति के घर को ही अपना घर मानिए
तब ही होता अच्छे से गुजर-बसर है
पति मेरा मेरी जिंदगी का ~~~~~

1 Like · 57 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from VINOD CHAUHAN
View all
You may also like:
चंदा मामा से मिलने गए ,
चंदा मामा से मिलने गए ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
"दिमागी गुलामी"
Dr. Kishan tandon kranti
मोह माया ये ज़िंदगी सब फ़ँस गए इसके जाल में !
मोह माया ये ज़िंदगी सब फ़ँस गए इसके जाल में !
Neelam Chaudhary
हे दिल ओ दिल, तेरी याद बहुत आती है हमको
हे दिल ओ दिल, तेरी याद बहुत आती है हमको
gurudeenverma198
दिल का मौसम सादा है
दिल का मौसम सादा है
Shweta Soni
बन्दिगी
बन्दिगी
Monika Verma
बस मुझे महसूस करे
बस मुझे महसूस करे
Pratibha Pandey
आधार छंद - बिहारी छंद
आधार छंद - बिहारी छंद
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
कमाई / MUSAFIR BAITHA
कमाई / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
कोई भी नही भूख का मज़हब यहाँ होता है
कोई भी नही भूख का मज़हब यहाँ होता है
Mahendra Narayan
समय के झूले पर
समय के झूले पर
पूर्वार्थ
दिल हो काबू में....😂
दिल हो काबू में....😂
Jitendra Chhonkar
ज़िक्र तेरा लबों पर क्या आया
ज़िक्र तेरा लबों पर क्या आया
Dr fauzia Naseem shad
(6) सूने मंदिर के दीपक की लौ
(6) सूने मंदिर के दीपक की लौ
Kishore Nigam
हर चाह..एक आह बनी
हर चाह..एक आह बनी
Priya princess panwar
*जातिवाद का खण्डन*
*जातिवाद का खण्डन*
Dushyant Kumar
शेष
शेष
Dr.Priya Soni Khare
जाना जग से कब भला , पाया कोई रोक (कुंडलिया)*
जाना जग से कब भला , पाया कोई रोक (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
भीम षोडशी
भीम षोडशी
SHAILESH MOHAN
कम्बखत वक्त
कम्बखत वक्त
Aman Sinha
ठण्डी राख़ - दीपक नीलपदम्
ठण्डी राख़ - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
6. *माता-पिता*
6. *माता-पिता*
Dr Shweta sood
"ഓണാശംസകളും ആശംസകളും"
DrLakshman Jha Parimal
वो आया इस तरह से मेरे हिज़ार में।
वो आया इस तरह से मेरे हिज़ार में।
Phool gufran
जग जननी है जीवनदायनी
जग जननी है जीवनदायनी
Buddha Prakash
*प्रकृति-प्रेम*
*प्रकृति-प्रेम*
Dr. Priya Gupta
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
■ सीधी सपाट...
■ सीधी सपाट...
*Author प्रणय प्रभात*
हजारों के बीच भी हम तन्हा हो जाते हैं,
हजारों के बीच भी हम तन्हा हो जाते हैं,
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
सजदे में सर झुका तो
सजदे में सर झुका तो
shabina. Naaz
Loading...