Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jun 2023 · 1 min read

पंचम के संगीत पर,

पंचम के संगीत पर,
झूम रहे मनमीत
तन-मन भरे उड़ान यूँ,
गगन लिया है जीत
–महावीर उत्तरांचली

1 Like · 292 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
View all
You may also like:
एक दिन की बात बड़ी
एक दिन की बात बड़ी
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
3451🌷 *पूर्णिका* 🌷
3451🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
सत्यं शिवम सुंदरम!!
सत्यं शिवम सुंदरम!!
ओनिका सेतिया 'अनु '
गिराता और को हँसकर गिरेगा वो यहाँ रोकर
गिराता और को हँसकर गिरेगा वो यहाँ रोकर
आर.एस. 'प्रीतम'
मतदान दिवस
मतदान दिवस
विजय कुमार अग्रवाल
गज़ले
गज़ले
Dr fauzia Naseem shad
जाने क्यूं मुझ पर से
जाने क्यूं मुझ पर से
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
वक्त का घुमाव तो
वक्त का घुमाव तो
Mahesh Tiwari 'Ayan'
ज़िंदगी
ज़िंदगी
Raju Gajbhiye
Life is like party. You invite a lot of people. Some leave e
Life is like party. You invite a lot of people. Some leave e
पूर्वार्थ
बुद्ध के बदले युद्ध
बुद्ध के बदले युद्ध
Shekhar Chandra Mitra
एक छोटा सा दर्द भी व्यक्ति के जीवन को रद्द कर सकता है एक साध
एक छोटा सा दर्द भी व्यक्ति के जीवन को रद्द कर सकता है एक साध
Rj Anand Prajapati
रिश्तों में झुकना हमे मुनासिब लगा
रिश्तों में झुकना हमे मुनासिब लगा
Dimpal Khari
तक़दीर शून्य का जखीरा है
तक़दीर शून्य का जखीरा है
सिद्धार्थ गोरखपुरी
जब ‘नानक’ काबा की तरफ पैर करके सोये
जब ‘नानक’ काबा की तरफ पैर करके सोये
कवि रमेशराज
है वही, बस गुमराह हो गया है…
है वही, बस गुमराह हो गया है…
Anand Kumar
जाति-धर्म
जाति-धर्म
लक्ष्मी सिंह
वक्त को यू बीतता देख लग रहा,
वक्त को यू बीतता देख लग रहा,
$úDhÁ MãÚ₹Yá
मैं तुझसे बेज़ार बहुत
मैं तुझसे बेज़ार बहुत
Shweta Soni
माँ की ममता,प्यार पिता का, बेटी बाबुल छोड़ चली।
माँ की ममता,प्यार पिता का, बेटी बाबुल छोड़ चली।
Anil Mishra Prahari
कोई इंसान अगर चेहरे से खूबसूरत है
कोई इंसान अगर चेहरे से खूबसूरत है
ruby kumari
गर्व करो कि
गर्व करो कि
*प्रणय प्रभात*
देश से दौलत व शुहरत देश से हर शान है।
देश से दौलत व शुहरत देश से हर शान है।
सत्य कुमार प्रेमी
आँगन में एक पेड़ चाँदनी....!
आँगन में एक पेड़ चाँदनी....!
singh kunwar sarvendra vikram
*चुनावी कुंडलिया*
*चुनावी कुंडलिया*
Ravi Prakash
कहने को सभी कहते_
कहने को सभी कहते_
Rajesh vyas
हौसले के बिना उड़ान में क्या
हौसले के बिना उड़ान में क्या
Dr Archana Gupta
सत्य क्या है ?
सत्य क्या है ?
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
Satish Srijan
कुछ मन की कोई बात लिख दूँ...!
कुछ मन की कोई बात लिख दूँ...!
Aarti sirsat
Loading...