Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jul 2023 · 1 min read

धर्मी जब खुल कर नंगे होते हैं।

धर्मी जब खुल कर नंगे होते हैं।
समाज में द्वंद्व और दंगे होते हैं।

note : चाहें तो ‘खुल कर’ को ‘खौल कर’ भी पढ़ सकते हैं!

~ डा. मुसाफिर बैठा

Language: Hindi
100 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr MusafiR BaithA
View all
You may also like:
* चाहतों में *
* चाहतों में *
surenderpal vaidya
गर जानना चाहते हो
गर जानना चाहते हो
SATPAL CHAUHAN
तूने ही मुझको जीने का आयाम दिया है
तूने ही मुझको जीने का आयाम दिया है
हरवंश हृदय
अगर मैं अपनी बात कहूँ
अगर मैं अपनी बात कहूँ
ruby kumari
उफ ये सादगी तुम्हारी।
उफ ये सादगी तुम्हारी।
Taj Mohammad
*मित्र*
*मित्र*
Dr. Priya Gupta
रोज आते कन्हैया_ मेरे ख्वाब मैं
रोज आते कन्हैया_ मेरे ख्वाब मैं
कृष्णकांत गुर्जर
अगर हमारा सुख शान्ति का आधार पदार्थगत है
अगर हमारा सुख शान्ति का आधार पदार्थगत है
Pankaj Kushwaha
अब बदला किस किस से लू जनाब
अब बदला किस किस से लू जनाब
Umender kumar
अल्फाज़.......दिल के
अल्फाज़.......दिल के
Neeraj Agarwal
*** सफलता की चाह में......! ***
*** सफलता की चाह में......! ***
VEDANTA PATEL
*जो कहता है कहने दो*
*जो कहता है कहने दो*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
शिवाजी गुरु समर्थ रामदास – बाल्यकाल और नया पड़ाव – 02
शिवाजी गुरु समर्थ रामदास – बाल्यकाल और नया पड़ाव – 02
Sadhavi Sonarkar
मंजिल छूते कदम
मंजिल छूते कदम
Arti Bhadauria
2715.*पूर्णिका*
2715.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"साकी"
Dr. Kishan tandon kranti
The Moon and Me!!
The Moon and Me!!
Rachana
महान गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस की काव्यमय जीवनी (पुस्तक-समीक्षा)
महान गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस की काव्यमय जीवनी (पुस्तक-समीक्षा)
Ravi Prakash
Red Hot Line
Red Hot Line
Poonam Matia
सारी उमर तराशा,पाला,पोसा जिसको..
सारी उमर तराशा,पाला,पोसा जिसको..
Shweta Soni
*गीत*
*गीत*
Poonam gupta
डिप्रेशन में आकर अपने जीवन में हार मानने वाले को एक बार इस प
डिप्रेशन में आकर अपने जीवन में हार मानने वाले को एक बार इस प
पूर्वार्थ
ज़ख्म दिल में छुपा रखा है
ज़ख्म दिल में छुपा रखा है
Surinder blackpen
लगा हो ज़हर जब होठों पर
लगा हो ज़हर जब होठों पर
Shashank Mishra
लीकछोड़ ग़ज़ल / MUSAFIR BAITHA
लीकछोड़ ग़ज़ल / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
पुकार!
पुकार!
कविता झा ‘गीत’
अमिट सत्य
अमिट सत्य
विजय कुमार अग्रवाल
गलतफहमी
गलतफहमी
Sanjay ' शून्य'
🚩 वैराग्य
🚩 वैराग्य
Pt. Brajesh Kumar Nayak
■ मेरे स्लोगन (बेटी)
■ मेरे स्लोगन (बेटी)
*प्रणय प्रभात*
Loading...