Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Apr 2024 · 1 min read

“देश के इतिहास में”

देश के इतिहास में
ऐसा पहलीं बार हुआ कि
नारियों ने शर्मिन्दगी का चोला
एकदम से उतार फेंका
और खुद आगे बढ़कर कहा-
मी टू (Mee Too)
यानी यौन शोषण हुआ है
मेरे साथ भी,
आखिर डर को जीता उसने
सदियों बाद भी।

डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति
साहित्य वाचस्पति
टैलेंट आइकॉन- 2022-23

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 40 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
हाथों में गुलाब🌹🌹
हाथों में गुलाब🌹🌹
Chunnu Lal Gupta
हाइपरटेंशन(ज़िंदगी चवन्नी)
हाइपरटेंशन(ज़िंदगी चवन्नी)
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
"बह रही धीरे-धीरे"
Dr. Kishan tandon kranti
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Neelofar Khan
प्रकाश एवं तिमिर
प्रकाश एवं तिमिर
Pt. Brajesh Kumar Nayak
भारत की है शान तिरंगा
भारत की है शान तिरंगा
surenderpal vaidya
मित्रतापूर्ण कीजिए,
मित्रतापूर्ण कीजिए,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
అదే శ్రీ రామ ధ్యానము...
అదే శ్రీ రామ ధ్యానము...
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
कविता के प्रेरणादायक शब्द ही सन्देश हैं।
कविता के प्रेरणादायक शब्द ही सन्देश हैं।
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
तुम नि:शब्द साग़र से हो ,
तुम नि:शब्द साग़र से हो ,
Stuti tiwari
दोहा त्रयी. . . .
दोहा त्रयी. . . .
sushil sarna
तेरी यादों के सहारे वक़्त गुजर जाता है
तेरी यादों के सहारे वक़्त गुजर जाता है
VINOD CHAUHAN
*अहमब्रह्मास्मि9*
*अहमब्रह्मास्मि9*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
3067.*पूर्णिका*
3067.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
प्रकृति भी तो शांत मुस्कुराती रहती है
प्रकृति भी तो शांत मुस्कुराती रहती है
ruby kumari
वैश्विक जलवायु परिवर्तन और मानव जीवन पर इसका प्रभाव
वैश्विक जलवायु परिवर्तन और मानव जीवन पर इसका प्रभाव
Shyam Sundar Subramanian
जग के जीवनदाता के प्रति
जग के जीवनदाता के प्रति
महेश चन्द्र त्रिपाठी
बरसों की ज़िंदगी पर
बरसों की ज़िंदगी पर
Dr fauzia Naseem shad
// तुम सदा खुश रहो //
// तुम सदा खुश रहो //
Shivkumar barman
कौन्तय
कौन्तय
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
इशारा दोस्ती का
इशारा दोस्ती का
Sandeep Pande
गरजता है, बरसता है, तड़पता है, फिर रोता है
गरजता है, बरसता है, तड़पता है, फिर रोता है
Suryakant Dwivedi
अपने मन के भाव में।
अपने मन के भाव में।
Vedha Singh
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-139 शब्द-दांद
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-139 शब्द-दांद
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
*तेरे इंतज़ार में*
*तेरे इंतज़ार में*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
*******खुशी*********
*******खुशी*********
Dr. Vaishali Verma
अब तो हमको भी आती नहीं, याद तुम्हारी क्यों
अब तो हमको भी आती नहीं, याद तुम्हारी क्यों
gurudeenverma198
चंद्रयान-थ्री
चंद्रयान-थ्री
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
चुनावी साल में समस्त
चुनावी साल में समस्त
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...