Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Oct 2016 · 1 min read

देख सूरत उसकी सारी शिकायते दूर हो जाती है/मंदीप

देख सूरत उसकी सारी शिकायते दूर हो जाती है,
ना जाने क्यों देख उस को चहरे पर लाली छा जाती है।

देखती हजारो सूरत हर रोज आँखे मेरी,
क्यों उस को देख आँखे चमकने लग जाती है।

दिल को मिलने लगा सुकून उस का साथ पाकर,
अब दूर जाने की बात ना करना आँखे मेरी भर जाती है।

हो अगर दिल में सच्चा प्यार किसी के लिए,
दो अलग अलग मजहब एक हो जाती है।

मिलता नही”मंदीप” किसी को सच्चा प्यार इस जहान में,
लेकिन दो तड़पती रूह इस जहान में मिल ही जाती है ।

मंदीपसाई

350 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मां
मां
Irshad Aatif
वो लम्हें जो हर पल में, तुम्हें मुझसे चुराते हैं।
वो लम्हें जो हर पल में, तुम्हें मुझसे चुराते हैं।
Manisha Manjari
मैंने इन आंखों से ज़माने को संभालते देखा है
मैंने इन आंखों से ज़माने को संभालते देखा है
Phool gufran
शासक की कमजोरियों का आकलन
शासक की कमजोरियों का आकलन
Mahender Singh Manu
"डॉ० रामबली मिश्र 'हरिहरपुरी' का
Rambali Mishra
यादों में ज़िंदगी को
यादों में ज़िंदगी को
Dr fauzia Naseem shad
कविता(प्रेम,जीवन, मृत्यु)
कविता(प्रेम,जीवन, मृत्यु)
Shiva Awasthi
भाव तब होता प्रखर है
भाव तब होता प्रखर है
Dr. Meenakshi Sharma
ओम के दोहे
ओम के दोहे
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
262p.पूर्णिका
262p.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
* जगो उमंग में *
* जगो उमंग में *
surenderpal vaidya
सृष्टि भी स्त्री है
सृष्टि भी स्त्री है
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
गुजरा वक्त।
गुजरा वक्त।
Taj Mohammad
"अकेडमी वाला इश्क़"
Lohit Tamta
नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी
नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी
कवि रमेशराज
कुछ अनुभव एक उम्र दे जाते हैं ,
कुछ अनुभव एक उम्र दे जाते हैं ,
Pramila sultan
जिंदगी एक सफ़र अपनी 👪🧑‍🤝‍🧑👭
जिंदगी एक सफ़र अपनी 👪🧑‍🤝‍🧑👭
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
तुममें और मुझमें बस एक समानता है,
तुममें और मुझमें बस एक समानता है,
सिद्धार्थ गोरखपुरी
पूरा दिन जद्दोजहद में गुजार देता हूं मैं
पूरा दिन जद्दोजहद में गुजार देता हूं मैं
शिव प्रताप लोधी
1)“काग़ज़ के कोरे पन्ने चूमती कलम”
1)“काग़ज़ के कोरे पन्ने चूमती कलम”
Sapna Arora
ख़बर है आपकी ‘प्रीतम’ मुहब्बत है उसे तुमसे
ख़बर है आपकी ‘प्रीतम’ मुहब्बत है उसे तुमसे
आर.एस. 'प्रीतम'
ये मानसिकता हा गलत आये के मोर ददा बबा मन‌ साग भाजी बेचत रहिन
ये मानसिकता हा गलत आये के मोर ददा बबा मन‌ साग भाजी बेचत रहिन
PK Pappu Patel
रात का आलम था और ख़ामोशियों की गूंज थी
रात का आलम था और ख़ामोशियों की गूंज थी
N.ksahu0007@writer
``बचपन```*
``बचपन```*
Naushaba Suriya
■ अटल सच.....
■ अटल सच.....
*Author प्रणय प्रभात*
नारी शक्ति..................
नारी शक्ति..................
Surya Barman
मुसाफिर
मुसाफिर
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
*हो न हो कारण भले, पर मुस्कुराना चाहिए 【मुक्तक 】*
*हो न हो कारण भले, पर मुस्कुराना चाहिए 【मुक्तक 】*
Ravi Prakash
दो ही हमसफर मिले जिन्दगी में..
दो ही हमसफर मिले जिन्दगी में..
Vishal babu (vishu)
*काल क्रिया*
*काल क्रिया*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...