Sep 3, 2016 · 1 min read

दुर्मिल सवैया :– चितचोर बड़ा बृजभान सखी !! -भाग -2

दुर्मिल सवैया :– भाग -2
चित चोर बड़ा बृजभान सखी !
मात्राभार :–
112 -112 -112 -112
112 -112 -112 -112

!! 4 !!

धरुं धीर शरीर अधीर हुआ
मन हार गयो मुसकान सखी !

सिर मोर मुखौट लटें लटकी
बड़ सुन्दर है परिधान सखी !

कर चक्र धरे कमलाकर वो
भुज सौ गज से बलवान सखी !

सब बाल सखा गुणगान करें
जब नाग बनो जलयान सखी !

!! 5 !!
छिति में जल में अरु अम्बर में
चहुंओर चला जसगान सखी !

बृज का नंदलाल गुपाल अ है
चितचोर बड़ा बृजभान सखी !!

गिरिधारि कहो मुरलीघर वो
सब नाम जपें भगवान सखी !

धन धान्य अपार भरा बृज में
खुशहाल सभी खलिहान सखी !

कवि :– अनुज तिवारी “इन्दवार”

391 Views
You may also like:
हवलदार का करिया रंग (हास्य कविता)
दुष्यन्त 'बाबा'
सो गया है आदमी
कुमार अविनाश केसर
दिलदार आना बाकी है
Jatashankar Prajapati
शासन वही करता है
gurudeenverma198
पिता का प्रेम
Seema gupta ( bloger) Gupta
सागर
Vikas Sharma'Shivaaya'
पिता
Satpallm1978 Chauhan
पानी
Vikas Sharma'Shivaaya'
I Have No Desire To Be Found At Any Cost
Manisha Manjari
【10】 ** खिलौने बच्चों का संसार **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
【 23】 प्रकृति छेड़ रहा इंसान
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
हसद
Alok Saxena
अरविंद सवैया छन्द।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
An abeyance
Aditya Prakash
(((मन नहीं लगता)))
दिनेश एल० "जैहिंद"
गँवईयत अच्छी लगी
सिद्धार्थ गोरखपुरी
और कितना धैर्य धरू
Anamika Singh
💐💐प्रेम की राह पर-10💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मां
Anjana Jain
उत्साह एक प्रेरक है
Buddha Prakash
सही दिशा में
Ratan Kirtaniya
जो... तुम मुझ संग प्रीत करों...
Dr. Alpa H.
मां
Umender kumar
ज़िन्दगी की धूप...
Dr. Alpa H.
मैं हूँ किसान।
Anamika Singh
इश्क़ में क्या हार-जीत
N.ksahu0007@writer
कोई हमारा ना हुआ।
Taj Mohammad
बँटवारे का दर्द
मनोज कर्ण
माखन चोर
N.ksahu0007@writer
कृतिकार पं बृजेश कुमार नायक की कृति /खंड काव्य/शोधपरक ग्रंथ...
Pt. Brajesh Kumar Nayak
Loading...