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11 Aug 2023 · 1 min read

दिल पर दस्तक

दिल पर दस्तक देता है कौन?
पूछूं तो क्यों रहता है ये मौन?

बार बार पूछूं,कुछ तो तुम बोलो
कौन बसा है मन ,ज़रा भेद खोल।

न ये बोले ,और न कुछ समझाए
देखूं आईना ,तो बस शरमाये।

धड़कन में कौन अब तेरी बस रहा।
नैनों में तेरे मेहमां सा हंस रहा ।

बहुत समझाया , लेकिन ये न माना
इश्क़ आग का दरिया है‌ जानां ।

हाथों से खुद का दामन ही छूटा जाये
कौन बसा दिल में? कोई तो बतलाए।

सुरिंदर कौर

Language: Hindi
374 Views
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