Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Mar 2024 · 1 min read

दिल का मौसम सादा है

दिल का मौसम सादा है
रंगों की तू बात न कर
दिल का यही तग़ादा है
रंगों की तू बात न कर

49 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Shweta Soni
View all
You may also like:
बादल और बरसात
बादल और बरसात
Neeraj Agarwal
अच्छे समय का
अच्छे समय का
Santosh Shrivastava
कुंडलिया . . .
कुंडलिया . . .
sushil sarna
खो गईं।
खो गईं।
Roshni Sharma
सर्वप्रिय श्री अख्तर अली खाँ
सर्वप्रिय श्री अख्तर अली खाँ
Ravi Prakash
कहीं भूल मुझसे न हो जो गई है।
कहीं भूल मुझसे न हो जो गई है।
surenderpal vaidya
अकेलापन
अकेलापन
भरत कुमार सोलंकी
हमदम का साथ💕🤝
हमदम का साथ💕🤝
डॉ० रोहित कौशिक
जिस सनातन छत्र ने, किया दुष्टों को माप
जिस सनातन छत्र ने, किया दुष्टों को माप
Vishnu Prasad 'panchotiya'
कई रात को भोर किया है
कई रात को भोर किया है
कवि दीपक बवेजा
वृक्षों की सेवा करो, मिलता पुन्य महान।
वृक्षों की सेवा करो, मिलता पुन्य महान।
डॉ.सीमा अग्रवाल
■ देखते रहिए- आज तक, कल तक, परसों तक और बरसों तक। 😊😊
■ देखते रहिए- आज तक, कल तक, परसों तक और बरसों तक। 😊😊
*प्रणय प्रभात*
जीवन संगिनी
जीवन संगिनी
नवीन जोशी 'नवल'
फ़िलिस्तीन-इज़राइल संघर्ष: इसकी वर्तमान स्थिति और भविष्य में शांति और संप्रभुता पर वैश्विक प्रभाव
फ़िलिस्तीन-इज़राइल संघर्ष: इसकी वर्तमान स्थिति और भविष्य में शांति और संप्रभुता पर वैश्विक प्रभाव
Shyam Sundar Subramanian
सोच बदलनी होगी
सोच बदलनी होगी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
గురువు కు వందనం.
గురువు కు వందనం.
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
गरीब–किसान
गरीब–किसान
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
3012.*पूर्णिका*
3012.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*धरा पर देवता*
*धरा पर देवता*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
संबंध क्या
संबंध क्या
Shweta Soni
“जगत जननी: नारी”
“जगत जननी: नारी”
Swara Kumari arya
खुल के सच को अगर कहा जाए
खुल के सच को अगर कहा जाए
Dr fauzia Naseem shad
शब्द-वीणा ( समीक्षा)
शब्द-वीणा ( समीक्षा)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
**पर्यावरण दिवस **
**पर्यावरण दिवस **
Dr Mukesh 'Aseemit'
धर्म सवैया
धर्म सवैया
Neelam Sharma
क्यों तुम उदास होती हो...
क्यों तुम उदास होती हो...
इंजी. संजय श्रीवास्तव
बस इतनी सी बात समंदर को खल गई
बस इतनी सी बात समंदर को खल गई
Prof Neelam Sangwan
जब तुमने वक्त चाहा हम गवाते चले गये
जब तुमने वक्त चाहा हम गवाते चले गये
Rituraj shivem verma
मैं तो महज एहसास हूँ
मैं तो महज एहसास हूँ
VINOD CHAUHAN
****शीतल प्रभा****
****शीतल प्रभा****
Kavita Chouhan
Loading...