Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Feb 2024 · 1 min read

दादी माॅ॑ बहुत याद आई

सपने में दी आज दिखाई
दादी माॅ॑ बहुत याद आई—दादी माॅ॑
सपनों में जब कभी आती है
जैसे कि रूबरू हो जाती है
बहुत देर वह बतियाती है
फिर खो जाती जैसे परछाई–दादी माॅ॑
कर्म की सदा सीख देती थी
मेरे ह्रदय में बस बैठी थी
मैं सुनता जो वह कहती थी
दादी ने ही मुझे राह दिखाई–दादी माॅ॑
किस्से नित नए-नए बताती
संस्कारों की बात सिखाती
सांझ सवेरे भजन सुनाती
कहती हरदम करो भलाई–दादी माॅ॑
दादी माॅ॑ थी सबसे प्यारी
जगत निराला पर वो न्यारी
मुश्किल घड़ी में जो ना हारी
‘V9द’ याद में ऑ॑खें भर आई–दादी माॅ॑

1 Like · 47 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from VINOD CHAUHAN
View all
You may also like:
तुम्हारा हर लहज़ा, हर अंदाज़,
तुम्हारा हर लहज़ा, हर अंदाज़,
ओसमणी साहू 'ओश'
2975.*पूर्णिका*
2975.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
क्या पता है तुम्हें
क्या पता है तुम्हें
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
रिमझिम बारिश
रिमझिम बारिश
Anil "Aadarsh"
वे वजह हम ने तमीज सीखी .
वे वजह हम ने तमीज सीखी .
Sandeep Mishra
विनम्रता, साधुता दयालुता  सभ्यता एवं गंभीरता जवानी ढलने पर आ
विनम्रता, साधुता दयालुता सभ्यता एवं गंभीरता जवानी ढलने पर आ
Rj Anand Prajapati
चंद्रयान-3
चंद्रयान-3
Mukesh Kumar Sonkar
दमके क्षितिज पार,बन धूप पैबंद।
दमके क्षितिज पार,बन धूप पैबंद।
Neelam Sharma
Mere shaksiyat  ki kitab se ab ,
Mere shaksiyat ki kitab se ab ,
Sakshi Tripathi
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Akshay patel
हर मंदिर में दीप जलेगा
हर मंदिर में दीप जलेगा
Ansh
कुछ ख़ुमारी बादलों को भी रही,
कुछ ख़ुमारी बादलों को भी रही,
manjula chauhan
कठिन परिश्रम साध्य है, यही हर्ष आधार।
कठिन परिश्रम साध्य है, यही हर्ष आधार।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
नारी है तू
नारी है तू
Dr. Meenakshi Sharma
बोझ लफ़्ज़ों के दिल पे होते हैं
बोझ लफ़्ज़ों के दिल पे होते हैं
Dr fauzia Naseem shad
इश्क का भी आज़ार होता है।
इश्क का भी आज़ार होता है।
सत्य कुमार प्रेमी
वार्तालाप अगर चांदी है
वार्तालाप अगर चांदी है
Pankaj Sen
तेरा फिक्र
तेरा फिक्र
Basant Bhagawan Roy
बचपन,
बचपन, "बूढ़ा " हो गया था,
Nitesh Kumar Srivastava
तू है जगतजननी माँ दुर्गा
तू है जगतजननी माँ दुर्गा
gurudeenverma198
बहुत
बहुत
sushil sarna
कदम चुप चाप से आगे बढ़ते जाते है
कदम चुप चाप से आगे बढ़ते जाते है
Dr.Priya Soni Khare
गीत-14-15
गीत-14-15
Dr. Sunita Singh
Maybe the reason I'm no longer interested in being in love i
Maybe the reason I'm no longer interested in being in love i
पूर्वार्थ
जाने कहा गये वो लोग
जाने कहा गये वो लोग
Abasaheb Sarjerao Mhaske
सरहद
सरहद
लक्ष्मी सिंह
संविधान ग्रंथ नहीं मां भारती की एक आत्मा🇮🇳
संविधान ग्रंथ नहीं मां भारती की एक आत्मा🇮🇳
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
मुश्किल घड़ी में मिली सीख
मुश्किल घड़ी में मिली सीख
Paras Nath Jha
महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि
Seema gupta,Alwar
*गोरे-गोरे हाथ जब, मलने लगे गुलाल (कुंडलिया)*
*गोरे-गोरे हाथ जब, मलने लगे गुलाल (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
Loading...