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16 Jun 2023 · 1 min read

थर्मामीटर / मुसाफ़िर बैठा

कहते हो-
बदल रहा है गाँव
सुख–शांति का बन रहा यह ठाँव
तो बतलाओ तो-
गाँवों में बदला कितना वर्ण-दबंग?
कौन सुखिया कौन सामंत बलवंत?
कौन दुखिया कौन दीनहीन जरूरतमंद?

सेहत पाया
पा हरियाया
कौन हाशिया?
कौन हलंत?

Language: Hindi
217 Views
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