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13 Feb 2017 · 1 min read

तेरे प्यार का अहसास मुझको मुक्त करता है

बड़ी फुरसत से ख़ुदा ने तेरी सूरत बनायी है
तभी तो तूने सूरत में ख़ुदा का नूर पायी है।

मेरी हर सुबह तेरी इबादत से शुरू होती
पर शाम का अँधियारा मेरी वेदना जगा देती।

न मैं तेरा न तू मेरी तो क्यूँ इंतजार करता हूँ
बस तेरी ही चाहत में क्यूँ जगता और सोता हूँ।

जब मेरे ह्रदय के स्पंदन में ही तू बसी सी है
फिर भी मेरे जीवन में क्यूँ तेरी कमी सी है।

पर तेरे प्यार का अहसास मुझको मुक्त करता है
सभी की वेदना से ये मुझे सहयुक्त करता है।

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