Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Feb 2024 · 1 min read

“तेरी यादें”

“तेरी यादें”
तेरी यादें बहुत तड़पाती है,
तू रह-रह के बहुत याद आती है
सोचता हूँ ढेर सारी बातें करूँ
पर मन की बातें मन में रह जाती है
सच में तू बहुत याद आती है.

5 Likes · 2 Comments · 100 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
मैं गर्दिशे अय्याम देखता हूं।
मैं गर्दिशे अय्याम देखता हूं।
Taj Mohammad
उदासी से भरे हैं दिन, कटें करवट बदल रातें।
उदासी से भरे हैं दिन, कटें करवट बदल रातें।
डॉ.सीमा अग्रवाल
Hajipur
Hajipur
Hajipur
#मीडियाई_मखौल
#मीडियाई_मखौल
*Author प्रणय प्रभात*
*मैं अमर आत्म-पद या मरणशील तन【गीत】*
*मैं अमर आत्म-पद या मरणशील तन【गीत】*
Ravi Prakash
जीत मनु-विधान की / मुसाफ़िर बैठा
जीत मनु-विधान की / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
*** चल अकेला.....!!! ***
*** चल अकेला.....!!! ***
VEDANTA PATEL
ऐसा कभी नही होगा
ऐसा कभी नही होगा
gurudeenverma198
छंद -रामभद्र छंद
छंद -रामभद्र छंद
Sushila joshi
* इस धरा को *
* इस धरा को *
surenderpal vaidya
" महखना "
Pushpraj Anant
3215.*पूर्णिका*
3215.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"स्वार्थी रिश्ते"
Ekta chitrangini
खुदा ने तुम्हारी तकदीर बड़ी खूबसूरती से लिखी है,
खुदा ने तुम्हारी तकदीर बड़ी खूबसूरती से लिखी है,
Sukoon
दूब घास गणपति
दूब घास गणपति
Neelam Sharma
रखो कितनी भी शराफत वफा सादगी
रखो कितनी भी शराफत वफा सादगी
Mahesh Tiwari 'Ayan'
हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी
हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी
Mukesh Kumar Sonkar
अधूरे ख्वाब
अधूरे ख्वाब
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
हर एक सब का हिसाब कोंन रक्खे...
हर एक सब का हिसाब कोंन रक्खे...
कवि दीपक बवेजा
Keep On Trying!
Keep On Trying!
R. H. SRIDEVI
क्या आप उन्हीं में से एक हैं
क्या आप उन्हीं में से एक हैं
ruby kumari
जिंदगी
जिंदगी
Neeraj Agarwal
-- मैं --
-- मैं --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
!! फिर तात तेरा कहलाऊँगा !!
!! फिर तात तेरा कहलाऊँगा !!
Akash Yadav
समीक्षा ,कर्त्तव्य-बोध (कहानी संग्रह)
समीक्षा ,कर्त्तव्य-बोध (कहानी संग्रह)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
धाराओं में वक़्त की, वक़्त भी बहता जाएगा।
धाराओं में वक़्त की, वक़्त भी बहता जाएगा।
Manisha Manjari
गुमनाम राही
गुमनाम राही
AMRESH KUMAR VERMA
खुली आंखें जब भी,
खुली आंखें जब भी,
Lokesh Singh
वो नौजवान राष्ट्रधर्म के लिए अड़ा रहा !
वो नौजवान राष्ट्रधर्म के लिए अड़ा रहा !
जगदीश शर्मा सहज
रिश्तों का गणित
रिश्तों का गणित
Madhavi Srivastava
Loading...