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5 May 2024 · 1 min read

तेरी यादें बजती रहती हैं घुंघरूओं की तरह,

तेरी यादें बजती रहती हैं घुंघरूओं की तरह,
हर रात क्यूं चले आते हो तुम चाहत-ए-ख़्वाब बनकर

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