Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Aug 2016 · 1 min read

तेरी नज़र के इशारे बदल भी सकते हैं,,

======ग़ज़ल=====

तेरी नज़र के इशारे बदल भी सकते हैं,
मेरे नसीब के तारे बदल भी सकते हैं,

मैं अपनी नाव भवंर से निकाल लाया हूँ,
मगर ये डर है किनारे बदल भी सकते हैं,

अमीरे शहर की तक़रीर होने वाली है,
सहर तलक ये नज़ारे बदल भी सकते हैं,

ये दौर वो है कि गैरों का क्या कहें साहिब,
हमारे हक़ में हमारे बदल भी सकते हैं,

~~~~अशफ़ाक़ रशीद~~~~~

503 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गर लिखने का सलीका चाहिए।
गर लिखने का सलीका चाहिए।
Dr. ADITYA BHARTI
*कुमुद की अमृत ध्वनि- सावन के झूलें*
*कुमुद की अमृत ध्वनि- सावन के झूलें*
रेखा कापसे
लेखनी चले कलमकार की
लेखनी चले कलमकार की
Harminder Kaur
बन गए हम तुम्हारी याद में, कबीर सिंह
बन गए हम तुम्हारी याद में, कबीर सिंह
The_dk_poetry
कौन जात हो भाई / BACHCHA LAL ’UNMESH’
कौन जात हो भाई / BACHCHA LAL ’UNMESH’
Dr MusafiR BaithA
#दोहा
#दोहा
*Author प्रणय प्रभात*
लालची नेता बंटता समाज
लालची नेता बंटता समाज
विजय कुमार अग्रवाल
हम संभलते है, भटकते नहीं
हम संभलते है, भटकते नहीं
Ruchi Dubey
मित्रता-दिवस
मित्रता-दिवस
Kanchan Khanna
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
5 दोहे- वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई पर केंद्रित
5 दोहे- वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई पर केंद्रित
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
तेरी दहलीज़ तक
तेरी दहलीज़ तक
Surinder blackpen
भाव तब होता प्रखर है
भाव तब होता प्रखर है
Dr. Meenakshi Sharma
है मुहब्बत का उनकी असर आज भी
है मुहब्बत का उनकी असर आज भी
Dr Archana Gupta
#आलिंगनदिवस
#आलिंगनदिवस
सत्य कुमार प्रेमी
"मायने"
Dr. Kishan tandon kranti
स्मृति शेष अटल
स्मृति शेष अटल
कार्तिक नितिन शर्मा
समय ही अहंकार को पैदा करता है और समय ही अहंकार को खत्म करता
समय ही अहंकार को पैदा करता है और समय ही अहंकार को खत्म करता
Rj Anand Prajapati
*पास में अगर न पैसा 【कुंडलिया】*
*पास में अगर न पैसा 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
जिसका इन्तजार हो उसका दीदार हो जाए,
जिसका इन्तजार हो उसका दीदार हो जाए,
डी. के. निवातिया
हिंदी जन-जन की भाषा
हिंदी जन-जन की भाषा
Dr. Sunita Singh
देता है अच्छा सबक़,
देता है अच्छा सबक़,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
जिस रास्ते के आगे आशा की कोई किरण नहीं जाती थी
जिस रास्ते के आगे आशा की कोई किरण नहीं जाती थी
कवि दीपक बवेजा
2270.
2270.
Dr.Khedu Bharti
तय करो किस ओर हो तुम
तय करो किस ओर हो तुम
Shekhar Chandra Mitra
फ़ासला गर
फ़ासला गर
Dr fauzia Naseem shad
*।। मित्रता और सुदामा की दरिद्रता।।*
*।। मित्रता और सुदामा की दरिद्रता।।*
Radhakishan R. Mundhra
तू रुकना नहीं,तू थकना नहीं,तू हारना नहीं,तू मारना नहीं
तू रुकना नहीं,तू थकना नहीं,तू हारना नहीं,तू मारना नहीं
पूर्वार्थ
* फूल खिले हैं *
* फूल खिले हैं *
surenderpal vaidya
आदिवासी कभी छल नहीं करते
आदिवासी कभी छल नहीं करते
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
Loading...