Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Jan 2024 · 1 min read

तुम कहते हो राम काल्पनिक है

तुम कहते हो राम काल्पनिक है

तुम कहते हो राम काल्पनिक है
धाम अयोध्या का विस्तार काल्पनिक है
रामसेतु का प्रमाण काल्पनिक है
मां शबरी का सत्कार काल्पनिक है
देवी अहिल्या का उद्धार काल्पनिक है

तुम कहते हो राम काल्पनिक है

पिता के वचनों का रखना मान काल्पनिक है
गुरु के उपदेशों का निरंतर ध्यान काल्पनिक है
संकट में भी पत्नी का निज पति पर अभिमान काल्पनिक है
भाईयों के मध्य वो प्रेम वो सम्मान काल्पनिक है

तुम कहते हो राम काल्पनिक है

हां काल्पनिक है तुम्हारा ये बयान
हां काल्पनिक है तुम्हारा ये विकृत ज्ञान
हां काल्पनिक है तुम्हारा ये पश्चिमी विधान

और तुम कहते हो राम काल्पनिक है

88 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
दोगलापन
दोगलापन
Mamta Singh Devaa
विश्वास की मंजिल
विश्वास की मंजिल
Buddha Prakash
न चाहिए
न चाहिए
Divya Mishra
मुझे मालूम है, मेरे मरने पे वो भी
मुझे मालूम है, मेरे मरने पे वो भी "अश्क " बहाए होगे..?
Sandeep Mishra
रम्भा की ‘मी टू’
रम्भा की ‘मी टू’
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अब मेरी आँखों ने आँसुओ को पीना सीख लिया है,
अब मेरी आँखों ने आँसुओ को पीना सीख लिया है,
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
दिन तो खैर निकल ही जाते है, बस एक रात है जो कटती नहीं
दिन तो खैर निकल ही जाते है, बस एक रात है जो कटती नहीं
पूर्वार्थ
’शे’र’ : ब्रह्मणवाद पर / मुसाफ़िर बैठा
’शे’र’ : ब्रह्मणवाद पर / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
मैने नहीं बुलाए
मैने नहीं बुलाए
Dr. Meenakshi Sharma
महफिले सजाए हुए है
महफिले सजाए हुए है
Harminder Kaur
बलिदान
बलिदान
Shyam Sundar Subramanian
अस्त हुआ रवि वीत राग का /
अस्त हुआ रवि वीत राग का /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आशियाना तुम्हारा
आशियाना तुम्हारा
Srishty Bansal
-आजकल मोहब्बत में गिरावट क्यों है ?-
-आजकल मोहब्बत में गिरावट क्यों है ?-
bharat gehlot
मार मुदई के रे
मार मुदई के रे
जय लगन कुमार हैप्पी
*रामपुर की गाँधी समाधि (तीन कुंडलियाँ)*
*रामपुर की गाँधी समाधि (तीन कुंडलियाँ)*
Ravi Prakash
आ जाओ घर साजना
आ जाओ घर साजना
लक्ष्मी सिंह
#ग़ज़ल
#ग़ज़ल
*Author प्रणय प्रभात*
तेरी सादगी को निहारने का दिल करता हैं ,
तेरी सादगी को निहारने का दिल करता हैं ,
Vishal babu (vishu)
2576.पूर्णिका
2576.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
सच्चाई की कीमत
सच्चाई की कीमत
Dr Parveen Thakur
दोस्ती
दोस्ती
Rajni kapoor
सरकारी नौकरी
सरकारी नौकरी
कवि दीपक बवेजा
!! घड़ी समर की !!
!! घड़ी समर की !!
Chunnu Lal Gupta
कल और आज जीनें की आस
कल और आज जीनें की आस
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
परीक्षा है सर पर..!
परीक्षा है सर पर..!
भवेश
Rakesh Yadav - Desert Fellow - निर्माण करना होगा
Rakesh Yadav - Desert Fellow - निर्माण करना होगा
Desert fellow Rakesh
आदमियों की जीवन कहानी
आदमियों की जीवन कहानी
Rituraj shivem verma
जिस सनातन छत्र ने, किया दुष्टों को माप
जिस सनातन छत्र ने, किया दुष्टों को माप
Vishnu Prasad 'panchotiya'
तुम्हे शिकायत है कि जन्नत नहीं मिली
तुम्हे शिकायत है कि जन्नत नहीं मिली
Ajay Mishra
Loading...