Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-145💐

तुम्हारे अन्दर ज़िद है वह मूर्खता लिए हुए है।दूरदर्शिता सहित ज़िद उन्नति की प्रेरक है।तुम मूर्ख हो।तुम्हें एहसास भी हो रहा है।
©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
234 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
Rakesh Yadav - Desert Fellow - निर्माण करना होगा
Rakesh Yadav - Desert Fellow - निर्माण करना होगा
Desert fellow Rakesh
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
जो विष को पीना जाने
जो विष को पीना जाने
Pt. Brajesh Kumar Nayak
पल
पल
Sangeeta Beniwal
हुआ क्या तोड़ आयी प्रीत को जो  एक  है  नारी
हुआ क्या तोड़ आयी प्रीत को जो एक है नारी
Anil Mishra Prahari
*कितनी बार कैलेंडर बदले, साल नए आए हैं (हिंदी गजल)*
*कितनी बार कैलेंडर बदले, साल नए आए हैं (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
రామ భజే శ్రీ కృష్ణ భజే
రామ భజే శ్రీ కృష్ణ భజే
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
ड्यूटी और संतुष्टि
ड्यूटी और संतुष्टि
Dr. Pradeep Kumar Sharma
The life of an ambivert is the toughest. You know why? I'll
The life of an ambivert is the toughest. You know why? I'll
Chahat
अगर बात तू मान लेगा हमारी।
अगर बात तू मान लेगा हमारी।
सत्य कुमार प्रेमी
बना एक दिन वैद्य का
बना एक दिन वैद्य का
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
"तीर और पीर"
Dr. Kishan tandon kranti
वो सुहाने दिन
वो सुहाने दिन
Aman Sinha
खामोशियों की वफ़ाओं ने मुझे, गहराई में खुद से उतारा है।
खामोशियों की वफ़ाओं ने मुझे, गहराई में खुद से उतारा है।
Manisha Manjari
बंदर का खेल!
बंदर का खेल!
कविता झा ‘गीत’
3122.*पूर्णिका*
3122.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
एक बछड़े को देखकर
एक बछड़े को देखकर
Punam Pande
■आज का #दोहा।।
■आज का #दोहा।।
*प्रणय प्रभात*
आया तीजो का त्यौहार
आया तीजो का त्यौहार
Ram Krishan Rastogi
शब्द से शब्द टकराए तो बन जाए कोई बात ,
शब्द से शब्द टकराए तो बन जाए कोई बात ,
ज्योति
प्राण-प्रतिष्ठा(अयोध्या राम मन्दिर)
प्राण-प्रतिष्ठा(अयोध्या राम मन्दिर)
लक्ष्मी सिंह
नैतिक मूल्यों को बचाए अब कौन
नैतिक मूल्यों को बचाए अब कौन
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
जिंदगी में हजारों लोग आवाज
जिंदगी में हजारों लोग आवाज
Shubham Pandey (S P)
अन्ना जी के प्रोडक्ट्स की चर्चा,अब हो रही है गली-गली
अन्ना जी के प्रोडक्ट्स की चर्चा,अब हो रही है गली-गली
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
बेड़ियाँ
बेड़ियाँ
Shaily
जल बचाओ , ना बहाओ
जल बचाओ , ना बहाओ
Buddha Prakash
नंबर पुराना चल रहा है नई ग़ज़ल Vinit Singh Shayar
नंबर पुराना चल रहा है नई ग़ज़ल Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
पिता
पिता
Mamta Rani
कदम भले थक जाएं,
कदम भले थक जाएं,
Sunil Maheshwari
ना कर नज़रंदाज़ देखकर मेरी शख्सियत को, हिस्सा हूं उस वक्त का
ना कर नज़रंदाज़ देखकर मेरी शख्सियत को, हिस्सा हूं उस वक्त का
SUDESH KUMAR
Loading...