Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Jun 2023 · 1 min read

डॉ अरुण कुमार शास्त्री ( पूर्व निदेशक – आयुष ) दिल्ली

डॉ अरुण कुमार शास्त्री ( पूर्व निदेशक – आयुष ) दिल्ली

बड़े नसीब से मिला करते हैं दोस्त दुनियाँ में ।
हरएक की कहाँ किस्मत में दोस्त दुनियाँ में ।
फकीरों सा अंदाज हुआ करता है यारों का मिरे यारा ।
हरएक के मिकदार पर कहाँ खरे उतरते दोस्त दुनियाँ में ।
मर्द हों याके हों औरत क्या फ़र्क पड़ता दोस्त दुनियाँ में ।
दूर हों याके करीब हों कहलाते तो दोस्त दुनियाँ में ।
मैं तरसता ही रहा कोई हमदर्द मिल जाये सीने से लगाने को ।
शर्त इतनी सी है महज़ के हो खालिस दोस्त दुनियाँ में ।
खड़ा हो जो दीवार बन के मेरे और दुनिया की बीच ।
कोई इल्जाम जो आये अस्मत पे तो ढाल बन जाये ।
उठा कर चलूँ सरे आम सर अपना ऊंचा रखूँ ।
ऐसा यार हो मिरा फकत मेरी शान बन जाये ।
बड़े नसीब से मिला करते हैं दोस्त दुनियाँ में ।
हरएक की कहाँ किस्मत में दोस्त दुनियाँ में ।

467 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from DR ARUN KUMAR SHASTRI
View all
You may also like:
■ आज की बात
■ आज की बात
*प्रणय प्रभात*
पर्यावरण
पर्यावरण
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
ख्वाहिशों के बैंलेस को
ख्वाहिशों के बैंलेस को
Sunil Maheshwari
3079.*पूर्णिका*
3079.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हम सब भी फूलों की तरह कितने बे - बस होते हैं ,
हम सब भी फूलों की तरह कितने बे - बस होते हैं ,
Neelofar Khan
हसलों कि उड़ान
हसलों कि उड़ान
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
सीरिया रानी
सीरिया रानी
Dr. Mulla Adam Ali
सत्यम शिवम सुंदरम🙏
सत्यम शिवम सुंदरम🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Pain of separation
Pain of separation
Bidyadhar Mantry
दुनियाँ की भीड़ में।
दुनियाँ की भीड़ में।
Taj Mohammad
भटकता पंछी !
भटकता पंछी !
Niharika Verma
!! हे उमां सुनो !!
!! हे उमां सुनो !!
Chunnu Lal Gupta
यह आशामय दीप
यह आशामय दीप
Saraswati Bajpai
ह्रदय
ह्रदय
Monika Verma
जबकि तड़पता हूँ मैं रातभर
जबकि तड़पता हूँ मैं रातभर
gurudeenverma198
गहरी हो बुनियादी जिसकी
गहरी हो बुनियादी जिसकी
कवि दीपक बवेजा
@@ पंजाब मेरा @@
@@ पंजाब मेरा @@
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
चन्द्रयान पहुँचा वहाँ,
चन्द्रयान पहुँचा वहाँ,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
रास्ते और राह ही तो होते है
रास्ते और राह ही तो होते है
Neeraj Agarwal
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
It is what it is
It is what it is
पूर्वार्थ
"अन्तरात्मा की पथिक "मैं"
शोभा कुमारी
मुड़े पन्नों वाली किताब
मुड़े पन्नों वाली किताब
Surinder blackpen
*टैगोर शिशु निकेतन *
*टैगोर शिशु निकेतन *
Ravi Prakash
मेरी सोच मेरे तू l
मेरी सोच मेरे तू l
सेजल गोस्वामी
"जेब्रा"
Dr. Kishan tandon kranti
दूसरों को देते हैं ज्ञान
दूसरों को देते हैं ज्ञान
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
50….behr-e-hindi Mutqaarib musaddas mahzuuf
50….behr-e-hindi Mutqaarib musaddas mahzuuf
sushil yadav
दोहा
दोहा
गुमनाम 'बाबा'
*बूढ़ा दरख्त गाँव का *
*बूढ़ा दरख्त गाँव का *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...