Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Jun 2016 · 1 min read

झूमकर जो कल उठी थी

झूमकर जो कल उठी थी
एक बदली मनचली थी

आँख बन बैठी समंदर
हर पलक भीगी हुई थी

होश में आये तो जाना
क्या गजब की बेख़ुदी थी

नूर था कलियों के रुख पर
गुल के तन पर ताजगी थी

जल रहे थे कल सितारे
चाँद के सँग चाँदनी थी

ख़्वाब तक आया न तेरा
रात आँखों में कटी थी

दर्द पर पहरे लगे थे
बंदिशों में आह भी थी

कुछ मुक़द्दर था हमारा
कुछ तुम्हारी बेबसी थी

तुम हमारे हो न पाये
इश्क़ में शायद कमी थी

क्या सजाते हम ये गुलशन
दो घड़ी की ज़िंदगी थी

राकेश दुबे “गुलशन”
14/06/2016
बरेली

452 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हंसगति
हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
*सबसे सुंदर जग में अपना, तीर्थ अयोध्या धाम है (गीत)*
*सबसे सुंदर जग में अपना, तीर्थ अयोध्या धाम है (गीत)*
Ravi Prakash
आज वो दौर है जब जिम करने वाला व्यक्ति महंगी कारें खरीद रहा ह
आज वो दौर है जब जिम करने वाला व्यक्ति महंगी कारें खरीद रहा ह
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
दोस्ती और प्यार पर प्रतिबन्ध
दोस्ती और प्यार पर प्रतिबन्ध
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
मस्ती का त्यौहार है,  खिली बसंत बहार
मस्ती का त्यौहार है, खिली बसंत बहार
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मुझे हमेशा लगता था
मुझे हमेशा लगता था
ruby kumari
भुजरियों, कजलियों की राम राम जी 🎉🙏
भुजरियों, कजलियों की राम राम जी 🎉🙏
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जहर मे भी इतना जहर नही होता है,
जहर मे भी इतना जहर नही होता है,
Ranjeet kumar patre
■ आज का शेर-
■ आज का शेर-
*Author प्रणय प्रभात*
बाल कविता: नानी की बिल्ली
बाल कविता: नानी की बिल्ली
Rajesh Kumar Arjun
अरमानों की भीड़ में,
अरमानों की भीड़ में,
Mahendra Narayan
रमेशराज के 2 मुक्तक
रमेशराज के 2 मुक्तक
कवि रमेशराज
"ख़्वाहिशों की दुनिया"
Dr. Kishan tandon kranti
दर्द
दर्द
Dr. Seema Varma
मैं गीत हूं ग़ज़ल हो तुम न कोई भूल पाएगा।
मैं गीत हूं ग़ज़ल हो तुम न कोई भूल पाएगा।
सत्य कुमार प्रेमी
मुझे कृष्ण बनना है मां
मुझे कृष्ण बनना है मां
Surinder blackpen
समय आया है पितृपक्ष का, पुण्य स्मरण कर लें।
समय आया है पितृपक्ष का, पुण्य स्मरण कर लें।
surenderpal vaidya
चाय की चुस्की लेते ही कुछ देर तक ऊर्जा शक्ति दे जाती है फिर
चाय की चुस्की लेते ही कुछ देर तक ऊर्जा शक्ति दे जाती है फिर
Shashi kala vyas
जागेगा अवाम
जागेगा अवाम
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
वो कहती हैं ग़ैर हों तुम अब! हम तुमसे प्यार नहीं करते
वो कहती हैं ग़ैर हों तुम अब! हम तुमसे प्यार नहीं करते
The_dk_poetry
अभिमान  करे काया का , काया काँच समान।
अभिमान करे काया का , काया काँच समान।
Anil chobisa
23/74.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/74.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
।। अछूत ।।
।। अछूत ।।
साहित्य गौरव
जीत मनु-विधान की / मुसाफ़िर बैठा
जीत मनु-विधान की / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
श्रीराम मंगल गीत।
श्रीराम मंगल गीत।
Acharya Rama Nand Mandal
Tum to kahte the sath nibhaoge , tufano me bhi
Tum to kahte the sath nibhaoge , tufano me bhi
Sakshi Tripathi
अखंड भारत कब तक?
अखंड भारत कब तक?
जय लगन कुमार हैप्पी
"किसी की याद मे आँखे नम होना,
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
पर्यावरण में मचती ये हलचल
पर्यावरण में मचती ये हलचल
Buddha Prakash
Loading...