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27 May 2016 · 1 min read

” जिंदगी में जहर नहीं होता “

?? गजल ??
?????????
बेवफा तू अगर नहीं होता ।
जिंदगी में जहर नहीं होता ।

मैं भी रुसवा तुझे ही कर देता ।
आपका यदि शहर नहीं होता ।

मिल भी जाये अगर तुम्हे फिर से ।
भूल जाना असर नहीं होता ।

गैर को कब तलक रिझाओगे ।
जा रहे अब सबर नहीं होता ।

आप ख्वाबो में ही सजाते यदि ।
ताज यूं खण्डहर नहीं होता ।

थोड़ी शक्ती जो हुक्मरां करते ।
इस तरह यूँ गदर नहीं होता ।

छोड़ देते नहीं वतन तुम पे ।
कोई भी दर बदर नहीं होता ।
?????????
? वीर पटेल ?

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