Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Feb 2023 · 1 min read

जिंदगी में ऐसा इंसान का होना बहुत ज़रूरी है,

जिंदगी में ऐसा इंसान का होना बहुत ज़रूरी है,

जिसको दिल का हाल बताने के लिए

लफ़्ज़ों की ज़रूरत ना पड़े।

1 Like · 267 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मां
मां
goutam shaw
कुछ ख्वाब
कुछ ख्वाब
Rashmi Ratn
पहाड़ पर कविता
पहाड़ पर कविता
Brijpal Singh
*मैंने देखा है * ( 18 of 25 )
*मैंने देखा है * ( 18 of 25 )
Kshma Urmila
तू ने आवाज दी मुझको आना पड़ा
तू ने आवाज दी मुझको आना पड़ा
कृष्णकांत गुर्जर
चुगलखोरी एक मानसिक संक्रामक रोग है।
चुगलखोरी एक मानसिक संक्रामक रोग है।
विमला महरिया मौज
Misconceptions are both negative and positive. It is just ne
Misconceptions are both negative and positive. It is just ne
सिद्धार्थ गोरखपुरी
है हमारे दिन गिने इस धरा पे
है हमारे दिन गिने इस धरा पे
DrLakshman Jha Parimal
** अब मिटाओ दूरियां **
** अब मिटाओ दूरियां **
surenderpal vaidya
याद दिल में जब जब तेरी आईं
याद दिल में जब जब तेरी आईं
krishna waghmare , कवि,लेखक,पेंटर
" वाई फाई में बसी सबकी जान "
Dr Meenu Poonia
अज़ल से इंतजार किसका है
अज़ल से इंतजार किसका है
Shweta Soni
मुरझाए चेहरे फिर खिलेंगे, तू वक्त तो दे उसे
मुरझाए चेहरे फिर खिलेंगे, तू वक्त तो दे उसे
Chandra Kanta Shaw
हर विषम से विषम परिस्थिति में भी शांत रहना सबसे अच्छा हथियार
हर विषम से विषम परिस्थिति में भी शांत रहना सबसे अच्छा हथियार
Ankita Patel
है कौन वो
है कौन वो
DR ARUN KUMAR SHASTRI
खुद से मिल
खुद से मिल
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
ज़ेहन पे जब लगाम होता है
ज़ेहन पे जब लगाम होता है
Johnny Ahmed 'क़ैस'
"जिन्दगी"
Dr. Kishan tandon kranti
Bundeli Doha pratiyogita 142
Bundeli Doha pratiyogita 142
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
तुम्हारे
तुम्हारे
हिमांशु Kulshrestha
■ हार के ठेकेदार।।
■ हार के ठेकेदार।।
*प्रणय प्रभात*
ममता का सागर
ममता का सागर
भरत कुमार सोलंकी
सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी घर छोड़ जाते है😥😥
सिर्फ बेटियां ही नहीं बेटे भी घर छोड़ जाते है😥😥
पूर्वार्थ
2345.पूर्णिका
2345.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
हदें
हदें
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
*गुरुदेव की है पूर्णिमा, गुरु-ज्ञान आज प्रधान है【 मुक्तक 】*
*गुरुदेव की है पूर्णिमा, गुरु-ज्ञान आज प्रधान है【 मुक्तक 】*
Ravi Prakash
ग़ज़ल (सिर्फ़ मरते हैं)
ग़ज़ल (सिर्फ़ मरते हैं)
SURYA PRAKASH SHARMA
कभी कभी किसी व्यक्ति(( इंसान))से इतना लगाव हो जाता है
कभी कभी किसी व्यक्ति(( इंसान))से इतना लगाव हो जाता है
Rituraj shivem verma
वो गुलमोहर जो कभी, ख्वाहिशों में गिरा करती थी।
वो गुलमोहर जो कभी, ख्वाहिशों में गिरा करती थी।
Manisha Manjari
बसे हैं राम श्रद्धा से भरे , सुंदर हृदयवन में ।
बसे हैं राम श्रद्धा से भरे , सुंदर हृदयवन में ।
जगदीश शर्मा सहज
Loading...