Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 May 2024 · 1 min read

बनारस का घाट

जानती हूं संभव नहीं मिलन हमारा
तुम बनना बनारस का घाट
और मैं गंगा की धारा।

1 Like · 1 Comment · 40 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
लापता सिर्फ़ लेडीज नहीं, हम मर्द भी रहे हैं। हम भी खो गए हैं
लापता सिर्फ़ लेडीज नहीं, हम मर्द भी रहे हैं। हम भी खो गए हैं
Rituraj shivem verma
प्यार जताने के सभी,
प्यार जताने के सभी,
sushil sarna
🌹हार कर भी जीत 🌹
🌹हार कर भी जीत 🌹
Dr .Shweta sood 'Madhu'
मेरे शीघ्र प्रकाश्य उपन्यास से -
मेरे शीघ्र प्रकाश्य उपन्यास से -
kaustubh Anand chandola
धैर्य वह सम्पत्ति है जो जितनी अधिक आपके पास होगी आप उतने ही
धैर्य वह सम्पत्ति है जो जितनी अधिक आपके पास होगी आप उतने ही
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
गुलाम
गुलाम
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
मुसीबतों को भी खुद पर नाज था,
मुसीबतों को भी खुद पर नाज था,
manjula chauhan
Gratitude Fills My Heart Each Day!
Gratitude Fills My Heart Each Day!
R. H. SRIDEVI
तेवरी
तेवरी
कवि रमेशराज
Red is red
Red is red
Dr. Vaishali Verma
जब कभी मन हारकर के,या व्यथित हो टूट जाए
जब कभी मन हारकर के,या व्यथित हो टूट जाए
Yogini kajol Pathak
*नयी पीढ़ियों को दें उपहार*
*नयी पीढ़ियों को दें उपहार*
Poonam Matia
राह पर चलना पथिक अविराम।
राह पर चलना पथिक अविराम।
Anil Mishra Prahari
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"वो दिन दूर नहीं"
Dr. Kishan tandon kranti
दो भावनाओं में साथ
दो भावनाओं में साथ
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
क्या सत्य है ?
क्या सत्य है ?
Buddha Prakash
पथ पर आगे
पथ पर आगे
surenderpal vaidya
आग हूं... आग ही रहने दो।
आग हूं... आग ही रहने दो।
अनिल "आदर्श"
दर्द अपना है
दर्द अपना है
Dr fauzia Naseem shad
दिल से दिल तो टकराया कर
दिल से दिल तो टकराया कर
Ram Krishan Rastogi
दुनिया तभी खूबसूरत लग सकती है
दुनिया तभी खूबसूरत लग सकती है
ruby kumari
गर्म चाय
गर्म चाय
Kanchan Khanna
कभी जब नैन  मतवारे  किसी से चार होते हैं
कभी जब नैन मतवारे किसी से चार होते हैं
Dr Archana Gupta
सफ़र ठहरी नहीं अभी पड़ाव और है
सफ़र ठहरी नहीं अभी पड़ाव और है
Koमल कुmari
■ दोमुंहा-सांप।।
■ दोमुंहा-सांप।।
*प्रणय प्रभात*
*बेचारे नेता*
*बेचारे नेता*
गुमनाम 'बाबा'
जुदाई का एहसास
जुदाई का एहसास
प्रदीप कुमार गुप्ता
Learn to recognize a false alarm
Learn to recognize a false alarm
पूर्वार्थ
हाथों की लकीरों को हम किस्मत मानते हैं।
हाथों की लकीरों को हम किस्मत मानते हैं।
Neeraj Agarwal
Loading...