Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Feb 2024 · 1 min read

चाहत।

चाहत कहां कभी पुरानी,
होती है,,,
ये बस वफा की निशानी,
होती है!!!

मुहब्बत में आंखे ही बातें,
करती है!!!
दीवानगी खामोश जुबानी,
होती है!!!

तुम पूंछते हो मुहब्बत की,
पहचान!!!
ये दर्द ओ गम की कहानी,
होती है!!!

जाकर पूंछ लो किसी से,
जहां में!!!
इश्क में हर एक जवानी,
रोती है!!!

मिले ना तन्हाई तो इश्क,
कैसा!!!
प्यार में दूरियां दरम्यानी,
होती है!!!

कहते है सभी अदीब ओ,
आलिम!!!
ये आशिकी एक नादानी,
होती है!!!

इश्क में बिछड़ना दस्तूर,
होता है!!!
मुकम्मल कहां ये कहानी,
होती है!!!

आलिमों को भी समझ,
ना आए!!!
दीवानों की बातें दीवानी,
होती है!!!

कैद कैसे करोगे चाहत,
दिल की!!!
कुछ मुहब्बतें ना इंसानी,
होती है!!!

ताज मोहम्मद
लखनऊ

1 Like · 34 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बघेली कविता -
बघेली कविता -
Priyanshu Kushwaha
मैं अपने सारे फ्रेंड्स सर्कल से कहना चाहूँगी...,
मैं अपने सारे फ्रेंड्स सर्कल से कहना चाहूँगी...,
Priya princess panwar
मेरी आँख में झाँककर देखिये तो जरा,
मेरी आँख में झाँककर देखिये तो जरा,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
है हार तुम्ही से जीत मेरी,
है हार तुम्ही से जीत मेरी,
कृष्णकांत गुर्जर
रंजिश हीं अब दिल में रखिए
रंजिश हीं अब दिल में रखिए
Shweta Soni
"चरित्र-दर्शन"
Dr. Kishan tandon kranti
हमेशा आंखों के समुद्र ही बहाओगे
हमेशा आंखों के समुद्र ही बहाओगे
कवि दीपक बवेजा
फागुन का महीना आया
फागुन का महीना आया
Dr Manju Saini
समझा दिया
समझा दिया
sushil sarna
"समय क़िस्मत कभी भगवान को तुम दोष मत देना
आर.एस. 'प्रीतम'
💐प्रेम कौतुक-383💐
💐प्रेम कौतुक-383💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बलिदान
बलिदान
Shyam Sundar Subramanian
इतना बवाल मचाएं हो के ये मेरा हिंदुस्थान है
इतना बवाल मचाएं हो के ये मेरा हिंदुस्थान है
'अशांत' शेखर
ज़िंदगी तेरा हक़
ज़िंदगी तेरा हक़
Dr fauzia Naseem shad
प्रभु शरण
प्रभु शरण
चक्षिमा भारद्वाज"खुशी"
#ग़ज़ल-
#ग़ज़ल-
*Author प्रणय प्रभात*
कभी किसी की मदद कर के देखना
कभी किसी की मदद कर के देखना
shabina. Naaz
काली हवा ( ये दिल्ली है मेरे यार...)
काली हवा ( ये दिल्ली है मेरे यार...)
Manju Singh
चंद्रयान 3
चंद्रयान 3
Seema gupta,Alwar
हिन्दीग़ज़ल में कितनी ग़ज़ल? -रमेशराज
हिन्दीग़ज़ल में कितनी ग़ज़ल? -रमेशराज
कवि रमेशराज
”ज़िन्दगी छोटी नहीं होती
”ज़िन्दगी छोटी नहीं होती
शेखर सिंह
व्यस्तता जीवन में होता है,
व्यस्तता जीवन में होता है,
Buddha Prakash
बेवफा
बेवफा
नेताम आर सी
राम आएंगे
राम आएंगे
Neeraj Agarwal
कालू भैया पेल रहे हैं, वाट्स एप पर ज्ञान
कालू भैया पेल रहे हैं, वाट्स एप पर ज्ञान
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मन
मन
Happy sunshine Soni
जो हैं आज अपनें..
जो हैं आज अपनें..
Srishty Bansal
कोई पूछे की ग़म है क्या?
कोई पूछे की ग़म है क्या?
Ranjana Verma
*पर्वतों की इसलिए, महिमा बहुत भारी हुई (हिंदी गजल/ गीतिका)*
*पर्वतों की इसलिए, महिमा बहुत भारी हुई (हिंदी गजल/ गीतिका)*
Ravi Prakash
पीर
पीर
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
Loading...