Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Feb 2017 · 1 min read

चार दिन का तू बादशाह

चार दिन का तून बादशाह है
पांचवां दिन तेरा आखरी होगा
जुटा ले सामान चाहे जितना
कल यह सामान किसी और का होगा !!

खाली हाथ आया था
खाली ही चला जायेगा
रास्ता पथरीला है वहां का
पता नहीं कैसे तू
पार पायेगा !!

करता रहता मेरा मेरा
क्या यहाँ है तेरा यारा
जब तेरा जिस्म अपना नहीं
फिर क्या कहता है मेरी मेरी !!

जिन्दगी की किताब का
वो पेज साफ़ कर ले
कुछ पुनः का काम कर के
अपनी इमेज साफ़ कर ले !!

रुखसत होते देर नहीं लगती
यह रिश्तेदारी जलाने में देर नहीं करती
सारे बैंक, जायदाद, पर है इनकी नजर
उस को बाँटने में, यह कतई देर नहीं करती !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 270 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
View all
You may also like:
तुमने दिल का कहां
तुमने दिल का कहां
Dr fauzia Naseem shad
अर्थार्जन का सुखद संयोग
अर्थार्जन का सुखद संयोग
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
ताश के महल अब हम बनाते नहीं
ताश के महल अब हम बनाते नहीं
Er. Sanjay Shrivastava
खींचकर हाथों से अपने ही वो सांँसे मेरी,
खींचकर हाथों से अपने ही वो सांँसे मेरी,
Neelam Sharma
मजदूर की अन्तर्व्यथा
मजदूर की अन्तर्व्यथा
Shyam Sundar Subramanian
परिस्थिति का मैं मारा हूं, बेचारा मत समझ लेना।
परिस्थिति का मैं मारा हूं, बेचारा मत समझ लेना।
सत्य कुमार प्रेमी
रिहाई - ग़ज़ल
रिहाई - ग़ज़ल
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
#सन्डे_इज_फण्डे
#सन्डे_इज_फण्डे
*Author प्रणय प्रभात*
पर्यावरण
पर्यावरण
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
दांतो का सेट एक ही था
दांतो का सेट एक ही था
Ram Krishan Rastogi
अनुसंधान
अनुसंधान
AJAY AMITABH SUMAN
मौत का रंग लाल है,
मौत का रंग लाल है,
पूर्वार्थ
तलाशता हूँ उस
तलाशता हूँ उस "प्रणय यात्रा" के निशाँ
Atul "Krishn"
बिटिया  घर  की  ससुराल  चली, मन  में सब संशय पाल रहे।
बिटिया घर की ससुराल चली, मन में सब संशय पाल रहे।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
हम कितने नोट/ करेंसी छाप सकते है
हम कितने नोट/ करेंसी छाप सकते है
शेखर सिंह
तेरी सारी चालाकी को अब मैंने पहचान लिया ।
तेरी सारी चालाकी को अब मैंने पहचान लिया ।
Rajesh vyas
!! फिर तात तेरा कहलाऊँगा !!
!! फिर तात तेरा कहलाऊँगा !!
Akash Yadav
Lonely is just a word which can't make you so,
Lonely is just a word which can't make you so,
Sukoon
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
होगा बढ़िया व्यापार
होगा बढ़िया व्यापार
Buddha Prakash
हीरा जनम गंवाएगा
हीरा जनम गंवाएगा
Shekhar Chandra Mitra
2514.पूर्णिका
2514.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*चलो टहलने चलें पार्क में, घर से सब नर-नारी【गीत】*
*चलो टहलने चलें पार्क में, घर से सब नर-नारी【गीत】*
Ravi Prakash
प्रेम विवाह करने वालों को सलाह
प्रेम विवाह करने वालों को सलाह
Satish Srijan
*** मन बावरा है....! ***
*** मन बावरा है....! ***
VEDANTA PATEL
उड़ कर बहुत उड़े
उड़ कर बहुत उड़े
प्रकाश जुयाल 'मुकेश'
जिंदगी में हर पल खुशियों की सौगात रहे।
जिंदगी में हर पल खुशियों की सौगात रहे।
Phool gufran
फनकार
फनकार
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
// जिंदगी दो पल की //
// जिंदगी दो पल की //
Surya Barman
इसका क्या सबूत है, तू साथ सदा मेरा देगी
इसका क्या सबूत है, तू साथ सदा मेरा देगी
gurudeenverma198
Loading...