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10 Apr 2024 · 1 min read

“चाँद-तारे”

“चाँद-तारे”
चाँद – तारे सब हँसते हैं,
नील – गगन में बसते हैं।
मिलना है मुझे अम्मा मेरी,
आँगन में क्यूँ नहीं उतरते हैं।

1 Like · 1 Comment · 30 Views
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