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10 Jun 2023 · 1 min read

!! घड़ी समर की !!

घड़ी समर की सामने
धरा को चुम वंद कर

तरेरते जो,नयन देख
पीट – पीट खण्ड कर

हार को भी जीत में
बदल-बदल अखण्ड कर

सौम्य पथ को छोड़ दे
तु अग्नि को प्रचण्ड कर

पवन की राह रोक ले
फिज़ा को तु उदण्ड कर

शक्तियों को साथ ले
न ख़ुद पर तु घमंड कर

काल के कपाल चढ़
शत्रुओं को खण्ड-खण्ड कर

माँ भारती को आहुति दे
“चुन्नू” कोटि-कोटि वंद कर

•••• कलमकार ••••
चुन्नू लाल गुप्ता-मऊ (उ.प्र.)

1 Like · 248 Views
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