Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jul 8, 2016 · 1 min read

गज़ल

*गज़ल*

ईद का यह खुशनुमा त्यौहार है
हर तरफ बस प्यार केवल प्यार है

इश्क जब कर ही लिया क्या सोचना
हाथ आती जीत है या हार है

दर्द आँसू और आहें अनगिनत
ये मुहब्बत में मिला उपहार है

नाम जीने का यहाँ पर कर रहा
आदमी कितना हुआ लाचार है

रूप की अब लग रही हैं बोलियाँ
आइये सब सज गया बाजार है

दूर तक दिखती नहीं कोई किरण
देखिये अँधियार ही अँधियार है

रोज कहते हो बहुत विश्वास पर
क्यों खड़ी फिर बीच में दीवार है

लूट हत्या भूख से जो है भरा
देख लो यह आज का अखबार है

हर मुसीबत में दिखाते राह तुम
आपका दिल से ‘प्रणय’ आभार है
लव कुमार ‘प्रणय’

1 Like · 2 Comments · 243 Views
You may also like:
ग़ज़ल- इशारे देखो
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
" ओ मेरी प्यारी माँ "
कुलदीप दहिया "मरजाणा दीप"
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
मोहब्बत में।
Taj Mohammad
**मानव ईश्वर की अनुपम कृति है....
Prabhavari Jha
जिन्दगी
Anamika Singh
"सुनो एक सैर पर चलते है"
Lohit Tamta
उसके मेरे दरमियाँ खाई ना थी
Khalid Nadeem Budauni
नूतन सद्आचार मिल गया
Pt. Brajesh Kumar Nayak
दिल्लगी दिल से होती है।
Taj Mohammad
✍️I am a Laborer✍️
"अशांत" शेखर
जग के पिता
DESH RAJ
ग़ज़ल
Mukesh Pandey
मेरा बचपन
Ankita Patel
"बीते दिनों से कुछ खास हुआ है"
Lohit Tamta
पंछी हमारा मित्र
AMRESH KUMAR VERMA
सत्य भाष
AJAY AMITABH SUMAN
✍️दिल शायर होता है...✍️
"अशांत" शेखर
मुक्तक
AJAY PRASAD
आखरी उत्तराधिकारी
Prabhudayal Raniwal
*!* मोहब्बत पेड़ों से *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
नहीं, अब ऐसा नहीं होगा
gurudeenverma198
काव्य संग्रह
AJAY PRASAD
✍️✍️लफ्ज़✍️✍️
"अशांत" शेखर
परिकल्पना
संदीप सागर (चिराग)
सूरज का ताप
सतीश मिश्र "अचूक"
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग४]
Anamika Singh
अदम्य जिजीविषा के धनी श्री राम लाल अरोड़ा जी
Ravi Prakash
चलों मदीने को जाते हैं।
Taj Mohammad
हमारा दिल।
Taj Mohammad
Loading...