Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Feb 2024 · 1 min read

गुमशुदा लोग

वह लोग,
जो बार–बार विलिन होता हैं,
दुसरे के छाया मे,
जब वह खडा होता हैं,
खुद गुमशुदा बन जाता हैं ।

वह लोग,
जो खुद छाया नही बन पाता है,
खुद के छाया के लिए लिए तो,
धूप मे खुद को खडा रहना पडता हैं,
ऐसा न करने पर वह विलिन होता हैं ।

वह लोग,
जो धरातल भूल जात है,
आकाश बेली बनने के लिए,
जोड से खुद को फैलाता है,
तब भी वह अपने को गुमशुदा बनाता है ।

Language: Hindi
1 Like · 73 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
View all
You may also like:
!! मुरली की चाह‌ !!
!! मुरली की चाह‌ !!
Chunnu Lal Gupta
निर्झरिणी है काव्य की, झर झर बहती जाय
निर्झरिणी है काव्य की, झर झर बहती जाय
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
प्यार की भाषा
प्यार की भाषा
Surinder blackpen
हम
हम
Ankit Kumar
राजनीति अब धुत्त पड़ी है (नवगीत)
राजनीति अब धुत्त पड़ी है (नवगीत)
Rakmish Sultanpuri
सोच
सोच
Neeraj Agarwal
कई तो इतना भरे बैठे हैं कि
कई तो इतना भरे बैठे हैं कि
*Author प्रणय प्रभात*
सफलता
सफलता
Vandna Thakur
सम्राट कृष्णदेव राय
सम्राट कृष्णदेव राय
Ajay Shekhavat
देशभक्ति
देशभक्ति
Dr. Pradeep Kumar Sharma
हो रही बरसात झमाझम....
हो रही बरसात झमाझम....
डॉ. दीपक मेवाती
एक बार फिर...
एक बार फिर...
Madhavi Srivastava
आत्मा की शांति
आत्मा की शांति
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
अप कितने भी बड़े अमीर सक्सेस हो जाओ आपके पास पैसा सक्सेस सब
अप कितने भी बड़े अमीर सक्सेस हो जाओ आपके पास पैसा सक्सेस सब
पूर्वार्थ
*मुसीबत है फूफा जी का थानेदार बनना【हास्य-व्यंग्य 】*
*मुसीबत है फूफा जी का थानेदार बनना【हास्य-व्यंग्य 】*
Ravi Prakash
पैसा बोलता है
पैसा बोलता है
Mukesh Kumar Sonkar
हैं राम आये अवध  में  पावन  हुआ  यह  देश  है
हैं राम आये अवध में पावन हुआ यह देश है
Anil Mishra Prahari
*
*"गंगा"*
Shashi kala vyas
* straight words *
* straight words *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
की तरह
की तरह
Neelam Sharma
कौन किसी को बेवजह ,
कौन किसी को बेवजह ,
sushil sarna
मदिरा वह धीमा जहर है जो केवल सेवन करने वाले को ही नहीं बल्कि
मदिरा वह धीमा जहर है जो केवल सेवन करने वाले को ही नहीं बल्कि
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
“नया मुकाम”
“नया मुकाम”
DrLakshman Jha Parimal
"मुरीद"
Dr. Kishan tandon kranti
योग और नीरोग
योग और नीरोग
Dr Parveen Thakur
कठपुतली की क्या औकात
कठपुतली की क्या औकात
Satish Srijan
आजा आजा रे कारी बदरिया
आजा आजा रे कारी बदरिया
Indu Singh
मंजिल
मंजिल
Kanchan Khanna
हमें जीना सिखा रहे थे।
हमें जीना सिखा रहे थे।
Buddha Prakash
दोस्ती.......
दोस्ती.......
Harminder Kaur
Loading...