Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Feb 2024 · 1 min read

ग़ज़ल

यहाँ जिस बात पै पर्दा रहा है ।
उसी का ही यहाँ चर्चा रहा है ।

मिला है प्यार दुनिया का उन्हीं को,
मुहब्बत से जिन्हें शिकवा रहा है ।

वफ़ा ने भी यहाँ करतब दिखाए,
जफ़ा का भी यहाँ जलवा रहा है ।

ज़रा तारीख़ के पन्ने पलटिए,
हमारे हाथ बस धोखा रहा है ।

बहुत मँहगे हुए हैं भक्त लेकिन,
सदा ‘ईश्वर’ यहाँ सस्ता रहा है ।

—– ईश्वर दयाल गोस्वामी ।

Language: Hindi
3 Likes · 61 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बेरोजगारी
बेरोजगारी
पंकज कुमार कर्ण
नज़रें!
नज़रें!
कविता झा ‘गीत’
हर किसी को कहा मोहब्बत के गम नसीब होते हैं।
हर किसी को कहा मोहब्बत के गम नसीब होते हैं।
Phool gufran
बढ़ी हैं दूरियाँ दिल की भले हम पास बैठे हों।
बढ़ी हैं दूरियाँ दिल की भले हम पास बैठे हों।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
ऋतुराज (घनाक्षरी )
ऋतुराज (घनाक्षरी )
डॉक्टर रागिनी
ये दूरियां सिर्फ मैंने कहाँ बनायी थी //
ये दूरियां सिर्फ मैंने कहाँ बनायी थी //
गुप्तरत्न
डॉ अरुण कुमार शास्त्री /एक अबोध बालक
डॉ अरुण कुमार शास्त्री /एक अबोध बालक
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बसंत पंचमी
बसंत पंचमी
Madhu Shah
अंगारों को हवा देते हैं. . .
अंगारों को हवा देते हैं. . .
sushil sarna
यूँ तो समन्दर में कभी गोते लगाया करते थे हम
यूँ तो समन्दर में कभी गोते लगाया करते थे हम
The_dk_poetry
लिखें और लोगों से जुड़ना सीखें
लिखें और लोगों से जुड़ना सीखें
DrLakshman Jha Parimal
कभी जब नैन  मतवारे  किसी से चार होते हैं
कभी जब नैन मतवारे किसी से चार होते हैं
Dr Archana Gupta
मुसाफिर
मुसाफिर
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
The Sweet 16s
The Sweet 16s
Natasha Stephen
ज़रूरत के तकाज़ो
ज़रूरत के तकाज़ो
Dr fauzia Naseem shad
वृक्षारोपण का अर्थ केवल पौधे को रोपित करना ही नहीं बल्कि उसक
वृक्षारोपण का अर्थ केवल पौधे को रोपित करना ही नहीं बल्कि उसक
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
*सात शेर*
*सात शेर*
Ravi Prakash
जिंदगी को बोझ मान
जिंदगी को बोझ मान
भरत कुमार सोलंकी
2788. *पूर्णिका*
2788. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मोहब्बत
मोहब्बत
अखिलेश 'अखिल'
NeelPadam
NeelPadam
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
********* हो गया चाँद बासी ********
********* हो गया चाँद बासी ********
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
गुजरे हुए वक्त की स्याही से
गुजरे हुए वक्त की स्याही से
Karishma Shah
मसान.....
मसान.....
Manisha Manjari
बसुधा ने तिरंगा फहराया ।
बसुधा ने तिरंगा फहराया ।
Kuldeep mishra (KD)
हमको गैरों का जब सहारा है।
हमको गैरों का जब सहारा है।
सत्य कुमार प्रेमी
*जो कहता है कहने दो*
*जो कहता है कहने दो*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
प्यारा भारत देश हमारा
प्यारा भारत देश हमारा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
चाहत
चाहत
Sûrëkhâ
किसी ग़रीब को
किसी ग़रीब को
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...