Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Oct 2023 · 1 min read

* खूबसूरत इस धरा को *

** गीतिका **
~~
खूबसूरत इस धरा को हम बनाएं।
पुष्प भावों के सुगंधित सब खिलाएं।

प्रीति के शुभ गीत हों सबके अधर पर।
साथ मिलकर गान सुमधुर गुनगुनाएं।

मुश्किलों के हो कठिन पल सामने जब।
आपदाओं में सभी के काम आएं।

नाम रूकने का नहीं लेना कभी भी।
संग सबके स्नेह की गंगा बहाएं।

पोंछ डाले अश्रु हर दुखिया नयन के।
कटु समय की बात सारी भूल जाएं।

हो समय पर कार्य भी सम्पन्न सारे।
व्यर्थ के अवरोध आपस के हटाएं।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
-सुरेन्द्रपाल वैद्य, ०४/१०/२०२३

1 Like · 1 Comment · 97 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from surenderpal vaidya
View all
You may also like:
भूतल अम्बर अम्बु में, सदा आपका वास।🙏
भूतल अम्बर अम्बु में, सदा आपका वास।🙏
संजीव शुक्ल 'सचिन'
प्रतीक्षा
प्रतीक्षा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
हमारी तुम्हारी मुलाकात
हमारी तुम्हारी मुलाकात
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
" आशिकी "
Dr. Kishan tandon kranti
रमेशराज की कहमुकरियां
रमेशराज की कहमुकरियां
कवि रमेशराज
खुली आंखें जब भी,
खुली आंखें जब भी,
Lokesh Singh
चुप रहना ही खाशियत है इस दौर की
चुप रहना ही खाशियत है इस दौर की
डॉ. दीपक मेवाती
भाई दोज
भाई दोज
Ram Krishan Rastogi
ईश्वर का रुप मां
ईश्वर का रुप मां
Keshi Gupta
मैं हूँ ना
मैं हूँ ना
gurudeenverma198
नारी
नारी
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
कलियुग में सतयुगी वचन लगभग अप्रासंगिक होते हैं।
कलियुग में सतयुगी वचन लगभग अप्रासंगिक होते हैं।
*Author प्रणय प्रभात*
तस्वीरों में मुस्कुराता वो वक़्त, सजा यादों की दे जाता है।
तस्वीरों में मुस्कुराता वो वक़्त, सजा यादों की दे जाता है।
Manisha Manjari
हमारे हाथ से एक सबक:
हमारे हाथ से एक सबक:
पूर्वार्थ
मानवता की चीखें
मानवता की चीखें
Shekhar Chandra Mitra
चला आया घुमड़ सावन, नहीं आए मगर साजन।
चला आया घुमड़ सावन, नहीं आए मगर साजन।
डॉ.सीमा अग्रवाल
****हमारे मोदी****
****हमारे मोदी****
Kavita Chouhan
मैं तो निकला था,
मैं तो निकला था,
Dr. Man Mohan Krishna
ज़िंदगी मौत,पर
ज़िंदगी मौत,पर
Dr fauzia Naseem shad
बहुत अहमियत होती है लोगों की
बहुत अहमियत होती है लोगों की
शिव प्रताप लोधी
जिंदगी में सिर्फ हम ,
जिंदगी में सिर्फ हम ,
Neeraj Agarwal
"मैं सब कुछ सुनकर मैं चुपचाप लौट आता हूँ
दुष्यन्त 'बाबा'
........,,?
........,,?
शेखर सिंह
है जिसका रहमो करम और प्यार है मुझ पर।
है जिसका रहमो करम और प्यार है मुझ पर।
सत्य कुमार प्रेमी
3111.*पूर्णिका*
3111.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
ये जो नफरतों का बीज बो रहे हो
ये जो नफरतों का बीज बो रहे हो
Gouri tiwari
निश्छल प्रेम
निश्छल प्रेम
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
💐 Prodigy Love-19💐
💐 Prodigy Love-19💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Ek gali sajaye baithe hai,
Ek gali sajaye baithe hai,
Sakshi Tripathi
कुछ कमीने आज फ़ोन करके यह कह रहे चलो शाम को पार्टी करते हैं
कुछ कमीने आज फ़ोन करके यह कह रहे चलो शाम को पार्टी करते हैं
Anand Kumar
Loading...