Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 May 2024 · 1 min read

“खुशी”

“खुशी”
खुशी एक ऊर्जा है
कोई वस्तु नहीं,
आपका खुश रहना
बड़ी बात है,
जब आप खुश रहेंगे
तभी बाँट सकेंगे
सबको
बड़ी-बड़ी खुशियाँ।

2 Likes · 2 Comments · 72 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
बेटी हूँ माँ तेरी
बेटी हूँ माँ तेरी
Deepesh purohit
आज का महाभारत 1
आज का महाभारत 1
Dr. Pradeep Kumar Sharma
याद आयेगा हमें .....ग़ज़ल
याद आयेगा हमें .....ग़ज़ल
sushil sarna
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
ओ! मेरी प्रेयसी
ओ! मेरी प्रेयसी
SATPAL CHAUHAN
बसंती हवा
बसंती हवा
Arvina
3509.🌷 *पूर्णिका* 🌷
3509.🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
बारिश का मौसम
बारिश का मौसम
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
बचपन का प्रेम
बचपन का प्रेम
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
ग़ज़ल (चलो आ गयी हूँ मैं तुम को मनाने)
ग़ज़ल (चलो आ गयी हूँ मैं तुम को मनाने)
डॉक्टर रागिनी
हाथ की उंगली😭
हाथ की उंगली😭
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
समंदर
समंदर
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
- ଓଟେରି ସେଲଭା କୁମାର
- ଓଟେରି ସେଲଭା କୁମାର
Otteri Selvakumar
मैने वक्त को कहा
मैने वक्त को कहा
हिमांशु Kulshrestha
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
अभाव और कमियाँ ही हमें जिन्दा रखती हैं।
अभाव और कमियाँ ही हमें जिन्दा रखती हैं।
पूर्वार्थ
तन माटी का
तन माटी का
Neeraj Agarwal
इंसानियत
इंसानियत
साहित्य गौरव
"सूदखोरी"
Dr. Kishan tandon kranti
जनता
जनता
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
#दोहा-
#दोहा-
*प्रणय प्रभात*
जिंदगी की कहानी लिखने में
जिंदगी की कहानी लिखने में
Shweta Soni
बेटियां / बेटे
बेटियां / बेटे
Mamta Singh Devaa
यत्र तत्र सर्वत्र हो
यत्र तत्र सर्वत्र हो
Dr.Pratibha Prakash
*नींद आँखों में  ख़ास आती नहीं*
*नींद आँखों में ख़ास आती नहीं*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
ग़ज़ल
ग़ज़ल
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
भटक ना जाना मेरे दोस्त
भटक ना जाना मेरे दोस्त
Mangilal 713
-: चंद्रयान का चंद्र मिलन :-
-: चंद्रयान का चंद्र मिलन :-
Parvat Singh Rajput
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अच्छा स्वस्थ स्वच्छ विचार ही आपको आत्मनिर्भर बनाते है।
अच्छा स्वस्थ स्वच्छ विचार ही आपको आत्मनिर्भर बनाते है।
Rj Anand Prajapati
Loading...