Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-118💐

कोई सोज़ नहीं है ठण्डक है मिली मुझे,
बहुत बानगी से छिपाया है मेरे इश्क़ को।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
201 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
दुर्लभ हुईं सात्विक विचारों की श्रृंखला
दुर्लभ हुईं सात्विक विचारों की श्रृंखला
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
हम पचास के पार
हम पचास के पार
Sanjay Narayan
चैन से जिंदगी
चैन से जिंदगी
Basant Bhagawan Roy
दुआ किसी को अगर देती है
दुआ किसी को अगर देती है
प्रेमदास वसु सुरेखा
जिंदगी कभी रुकती नहीं, वो तो
जिंदगी कभी रुकती नहीं, वो तो
Befikr Lafz
ज़िंदगी से शिकायत
ज़िंदगी से शिकायत
Dr fauzia Naseem shad
We become more honest and vocal when we are physically tired
We become more honest and vocal when we are physically tired
पूर्वार्थ
हार में जीत है, रार में प्रीत है।
हार में जीत है, रार में प्रीत है।
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
■ एक और शेर ■
■ एक और शेर ■
*प्रणय प्रभात*
साहिल समंदर के तट पर खड़ी हूँ,
साहिल समंदर के तट पर खड़ी हूँ,
Sahil Ahmad
हाँ ये सच है
हाँ ये सच है
Dr. Man Mohan Krishna
उलझनें रूकती नहीं,
उलझनें रूकती नहीं,
Sunil Maheshwari
यूपी में कुछ पहले और दूसरे चरण में संतरो की हालात ओर खराब हो
यूपी में कुछ पहले और दूसरे चरण में संतरो की हालात ओर खराब हो
शेखर सिंह
मेरे पांच रोला छंद
मेरे पांच रोला छंद
Sushila joshi
फ़ितरत अपनी अपनी...
फ़ितरत अपनी अपनी...
डॉ.सीमा अग्रवाल
अपराह्न का अंशुमान
अपराह्न का अंशुमान
Satish Srijan
चिन्ता
चिन्ता
Dr. Kishan tandon kranti
फसल , फासला और फैसला तभी सफल है अगर इसमें मेहनत हो।।
फसल , फासला और फैसला तभी सफल है अगर इसमें मेहनत हो।।
डॉ० रोहित कौशिक
मैं दोस्तों से हाथ मिलाने में रह गया कैसे ।
मैं दोस्तों से हाथ मिलाने में रह गया कैसे ।
Neelam Sharma
मउगी चला देले कुछउ उठा के
मउगी चला देले कुछउ उठा के
आकाश महेशपुरी
मुझसे जुदा होने से पहले, लौटा दे मेरा प्यार वह मुझको
मुझसे जुदा होने से पहले, लौटा दे मेरा प्यार वह मुझको
gurudeenverma198
इजाज़त है तुम्हें दिल मेरा अब तोड़ जाने की ।
इजाज़त है तुम्हें दिल मेरा अब तोड़ जाने की ।
Phool gufran
सब कुछ छोड़ कर जाना पड़ा अकेले में
सब कुछ छोड़ कर जाना पड़ा अकेले में
कवि दीपक बवेजा
कड़वी  बोली बोल के
कड़वी बोली बोल के
Paras Nath Jha
* जिन्दगी *
* जिन्दगी *
surenderpal vaidya
वो रंगीन स्याही भी बेरंग सी नज़र आयेगी,
वो रंगीन स्याही भी बेरंग सी नज़र आयेगी,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
अगर आपको किसी से कोई समस्या नहीं है तो इसमें कोई समस्या ही न
अगर आपको किसी से कोई समस्या नहीं है तो इसमें कोई समस्या ही न
Sonam Puneet Dubey
जो जिस चीज़ को तरसा है,
जो जिस चीज़ को तरसा है,
Pramila sultan
23/138.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/138.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
भारत के जोगी मोदी ने --
भारत के जोगी मोदी ने --
Seema Garg
Loading...