Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Feb 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-290💐

कोई मंज़िल न थी बस उनका एतिबार था,
काँटे से चुभ गए हैं,उनको बे-एतिबार था।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
46 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
तुमको खोकर इस तरहां यहाँ
तुमको खोकर इस तरहां यहाँ
gurudeenverma198
माया का रोग (व्यंग्य)
माया का रोग (व्यंग्य)
नवीन जोशी 'नवल'
# शुभ - संध्या .......
# शुभ - संध्या .......
Chinta netam " मन "
मेंटल
मेंटल
सुशील कुमार सिंह "प्रभात"
जिस्म तो बस एक जरिया है, प्यार दो रूहों की कहानी।
जिस्म तो बस एक जरिया है, प्यार दो रूहों की कहानी।
Manisha Manjari
तुम याद आ गये
तुम याद आ गये
Surinder blackpen
माघी पूर्णिमा
माघी पूर्णिमा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हिन्दी दोहा- बिषय- कौड़ी
हिन्दी दोहा- बिषय- कौड़ी
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
*आई बारिश हो गई,धरती अब खुशहाल(कुंडलिया)*
*आई बारिश हो गई,धरती अब खुशहाल(कुंडलिया)*
Ravi Prakash
कविता
कविता
ashok dard
"दरख़्त"
Dr. Kishan tandon kranti
वर्णमाला
वर्णमाला
Abhijeet kumar mandal (saifganj)
वो दरारें जो
वो दरारें जो
Dr fauzia Naseem shad
सफर ऐसा की मंजिल का पता नहीं
सफर ऐसा की मंजिल का पता नहीं
Anil chobisa
माँ!
माँ!
विमला महरिया मौज
हर बार मेरी ही किस्मत क्यो धोखा दे जाती हैं,
हर बार मेरी ही किस्मत क्यो धोखा दे जाती हैं,
Vishal babu (vishu)
"Teri kaamyaabi par tareef, tere koshish par taana hoga,
कवि दीपक बवेजा
तुम्हारी वजह से
तुम्हारी वजह से
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मोहन तुम से तुम्हीं हो, ग्रथित अनन्वय श्लेष।
मोहन तुम से तुम्हीं हो, ग्रथित अनन्वय श्लेष।
डॉ.सीमा अग्रवाल
It is very simple to be happy, but it is very difficult to b
It is very simple to be happy, but it is very difficult to b
Dr. Rajiv
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
श्री रमण 'श्रीपद्'
■ मेरे एक प्रेरक
■ मेरे एक प्रेरक "चार्ली"
*Author प्रणय प्रभात*
mujhe needno se jagaya tha tumne
mujhe needno se jagaya tha tumne
Anand.sharma
वो इश्क को हंसी मे
वो इश्क को हंसी मे
पंकज पाण्डेय सावर्ण्य
दुःख के संसार में
दुःख के संसार में
Buddha Prakash
#justareminderekabodhbalak
#justareminderekabodhbalak
DR ARUN KUMAR SHASTRI
दूसरों को समझने से बेहतर है खुद को समझना । फिर दूसरों को समझ
दूसरों को समझने से बेहतर है खुद को समझना । फिर दूसरों को समझ
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
राष्ट्र भाषा राज भाषा
राष्ट्र भाषा राज भाषा
Dinesh Gupta
इन्तजार है हमको एक हमसफर का।
इन्तजार है हमको एक हमसफर का।
Taj Mohammad
💐💐नेक्स्ट जेनरेशन💐💐
💐💐नेक्स्ट जेनरेशन💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...