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23 Mar 2024 · 1 min read

कुछ लिखूँ ….!!!

समय के उस पार
बहुत सी स्मृतियाँ हैं
कलम भी हाथ में है
सोचती हूँ ~
उन पर कुछ लिखूँ
शब्दों का रूप दूँ
मगर किस – किस पर
क्या और कितना
बस यही उलझन है
सुलझ जाए तो लिखूँ
एक नयी कविता
एक नयी गज़ल
या फिर ~
एक नया गीत
कुछ लिखूँ मगर …!!!

रचनाकार :- कंचन खन्ना,
मुरादाबाद, (उ०प्र०, भारत)।
स्वरचित (सर्वाधिकार, सुरक्षित)।
दिनांक :- २१/०३/२०२४.

Language: Hindi
39 Views
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