Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

किस्सा–चंद्रहास क्रमांक–8

***जय हो श्री कृष्ण भगवान की***
***जय हो श्री नंदलाल जी की***

किस्सा–चंद्रहास

क्रमांक–8

वार्ता– जब धृष्टबुद्धी दिवान लड़के को मरवाने के लिए जल्लाद भेज देता है तो जल्लाद लड़के को बियाबान जंगल में ले जाते हैं मारने के लिए तब लड़का उनसे कहता है कि मुझे थोड़ा सा समय दे दो ताकि मैं अपने भगवान की स्तुति कर सकूँ।लड़का भगवान की स्तुति करता है।

टेक–दास पै विपत घोर,ओर नहीं चालै जोर,
नागरनट आज्याओ।

१-जब जब भार मही पै हो अवतार धार के आते हो,
निराकार निर्दोष रूप साकार धार के आते हो,
हथियार धार के शक्ति का,प्रचार बढाके भक्ति का,हो के प्रकट आज्याओ।

२-बच्चेपन मै क्रीड़ा करी कहैं दही का चोर हो,
काली देह मै कूद पड़े नंद के किशोर हो,
कछु गौर मोरे हाल पै,कदंब कि डाल पै,यमुना तट आज्याओ।

३-आप हो गए रूष्ट दुष्ट लागे हमको तरसाने,
लिया कंस का खींच अंस अब वो ढंग होंगे दरसाने,
बरसाने नंदगाम मै,गोकुल ब्रज धाम मै,वंशीवट आज्याओ।

दौड़–

अंतर्यामी सबके स्वामी गरूड़गामी अब करो सहा,
सुणो नाथ या मेरी बात चरणों मै माथ रह्या झुका,
करो दया दृष्ट हो कष्ट नष्ट दास आपके रह्या गुण गा,

हे त्रिलोकी भगवान तुम करुणानिधान ,मै बाळक नादान,मेरी टेर सुणो,
काटो कष्ट ये महान,थारा करूँ गुणगान,कभी भूलू ना एहसान,करो मेहर सुणो,
आप करते सहाई,लाज भक्तों की बचाई,आज कहाँ पै लगाई, तुमनै देर सुणो,

प्रहलाद को बचाया तुमनै गोद मै उठाया,
सारे जग मै समाया प्रकाश तेरा,
करुणा करी करि पै जल मैं,तुमनै बचा लिए पल मै,प्रभु करता हूँ अटल मै, विश्वास तेरा,
हो दीन के दयाल,भक्तों के प्रतिपाल,राखिये संभाल,मैं हुं दास तेरा,

ध्रुव भक्त को बच्चेपन मै,तुमने दर्शन दिए बन मै,किया अडिग गगन मै करतार सुणो,
तुमनै पापी दुष्ट मारे,सारे भक्त उभारे,संत सज्जन पार तारे,सृजनहार सुणो,
काटो कष्ट का ये घेरा,दुखी हो लिया भतेरा,ओर कोई नहीं मेरा आधार सुणो,

गरीब के नवाज आज राखो मेरी लाज,हुं मोहताज ओ बृजराज,काज सार दियो जी,

जो जन चरण शरण मै रहते,जपते जाप ताप ना दहते,कहते खष्ट दस अष्ट वाक ऋषियों के स्पष्ट,हों अग नष्ट दया दृष्ट कष्ट टार दियो जी,

होकैं मग्न लग्न ला रटैं ,दे प्रभु मेहर फेर दुख कटैं,बटै चाम के ना दाम,रामनाम सुख धाम,काम वासना तमाम,मेरी मार दियो जी,

संत निश्चिंत रहैं नित की,उज्जवल बुद्धि शुद्धि चित की,हे पतित कि पुकार,सृजनहार गुनहगार मझदार,पार तार दियो जी,

हाथ जोड़ अस्तुती करता धरता ध्यान चरण के म्हां,
जब ध्यान चरण मै लावण लाग्या,बार बार गुण गावण लाग्या,दिल अंदर घबरावण लाग्या,संकट के मै करो सहा,

तेरा नूर भरपूर दूर ना रोम रोम मै रम्या होया,जल मै थल मै सारी सकल मै पल मै करदे क्या से क्या,श्रुति स्मृति तनै कुदरती मूर्ति मै भी रहे बता,
लाये लगन होय मगन परम अगन मै देवै बचा,

कृपालु दयालु भालु मर्कट करि तार दिए,
मेहर फेर टेर सुण उर्गारी तार दिए,
नल नील जल तल उपल हरी तार दिए,

कर पर सर धर जनक जा प्रण राख्या,
ख्याल कर दयाल व्याल शीश पै चरण राख्या,
हित चित नित प्रभु भक्तो को शरण राख्या,

श्रद्धा भक्ति प्रेम देख पडे चक्कर मै जल्लाद सुणो,
केशोराम नाम की रटना माफ करै अपराध सुणो,
कुंदनलाल कहै नंदलाल करैं इमदाद सुणो,
बेगराज कहै राजकंवर करै फरियाद सुणो।

४-हरे सूखा दे मरे जीवा दे भरे रीता कै फेर भरै,
कुंदनलाल गुरु चरणों मै हित चित नित प्रति ध्यान धरै,
डरै देख कै काल आपको,याद करै नंदलाल आपको,झटपट आज्याओ।

कवि: श्री नंदलाल शर्मा जी
टाइपकर्ता: दीपक शर्मा
मार्गदर्शन कर्ता: गुरु जी श्री श्यामसुंदर शर्मा (पहाड़ी)

1 Like · 300 Views
You may also like:
*आचार्य बृहस्पति और उनका काव्य*
Ravi Prakash
बुढ़ापे में जीने के गुरु मंत्र
Ram Krishan Rastogi
रावण - विभीषण संवाद (मेरी कल्पना)
Anamika Singh
ग़ज़ल
Anis Shah
The Send-Off Moments
Manisha Manjari
शिखर छुऊंगा एक दिन
AMRESH KUMAR VERMA
बहाना
Vikas Sharma'Shivaaya'
रोज हम इम्तिहां दे सकेंगे नहीं
Dr Archana Gupta
*!* अपनी यारी बेमिसाल *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
पुस्तैनी जमीन
आकाश महेशपुरी
ये शिक्षामित्र है भाई कि इसमें जान थोड़ी है
आकाश महेशपुरी
अब कहां कोई।
Taj Mohammad
“आनंद ” की खोज में आदमी
DESH RAJ
My Expressions
Shyam Sundar Subramanian
✍️तलाश ज़ारी रखनी चाहिए✍️
"अशांत" शेखर
हैप्पी फादर्स डे (लघुकथा)
drpranavds
ऐसे थे पापा मेरे !
Kuldeep mishra (KD)
अल्फाज़ ए ताज भाग-5
Taj Mohammad
कुंडलिया छंद ( योग दिवस पर)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
बारिश हमसे रूढ़ गई
Dr. Alpa H. Amin
दुआएं करेंगी असर धीरे- धीरे
Dr Archana Gupta
हमारे पापा
Anamika Singh
परशुराम कर्ण संवाद
Utsav Kumar Aarya
बाबासाहेब 'अंबेडकर '
Buddha Prakash
अंजान बन जाते हैं।
Taj Mohammad
*पद्म विभूषण स्वर्गीय गुलाम मुस्तफा खान साहब से दो मुलाकातें*
Ravi Prakash
कलयुग का आरम्भ है।
Taj Mohammad
*!* दिल तो बच्चा है जी *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
**अनमोल मोती**
Dr. Alpa H. Amin
एक हम ही है गलत।
Taj Mohammad
Loading...