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13 Jun 2023 · 1 min read

कसरत करते जाओ

पानी,पवन , भोजन है अच्छा,

पर कसरत तो कर्म है सच्चा।

कसरत से भागते है रोग,

तन और मन बनता निरोग।

सजग,जागरूक होना होगा,

सेहत को ना खोना होगा ।

भोजन से तन और मन बनता,

कसरत से भी जीवन खिलता।

यह शरीर ऐसा कहता है ,

चलता जाये तो रहता है ,

पडा रहे तो हो बर्बाद,

सभी जगह खाता है मात,

आधा और दरिद्र न बनना,

मेहनत से सब हासिल करना,

कसरत नही निरर्थक हो ,

उपयोगी हो सार्थक हो ,

कर्म करो यह कसरत है ,

यही कह रही कुदरत है ।

कुछ भी करते जाओ तुम,

उसमें मन को लगाओ तुम।

खेत, खिलाड़ी, कारीगर हो,

जो हो श्रम से तरबतर हो ,

कसरत मे मन भी शामिल हो,

कसरत से सेहत हासिल हो ।

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