Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Jun 2023 · 1 min read

★HAPPY FATHER’S DAY ★

कश्तियां डूब जाएंगी जल में ‌। जगह भी ना मिलेगी तुम्हें मल में। खोजेंगे आप उज्जवल भविष्य अपना आने वाले कल में । मगर वो निकल चुका होगा तुम्हारे बीते हुए पल में। वो धन वो दौलत वो मुकाम वो ऊंचाईयां क्या करेंगी थल में। जब मां-बाप ही नहीं होंगे तुम्हारी हसीन महफिल में ।। ★IPS KAMAL THAKUR ★ HAPPY.
FATHER’S DAY

405 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
#ग़ज़ल-
#ग़ज़ल-
*Author प्रणय प्रभात*
तुम सम्भलकर चलो
तुम सम्भलकर चलो
gurudeenverma198
जिंदगी की सड़क पर हम सभी अकेले हैं।
जिंदगी की सड़क पर हम सभी अकेले हैं।
Neeraj Agarwal
23/20.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/20.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
नेतागिरी का धंधा (हास्य व्यंग्य)
नेतागिरी का धंधा (हास्य व्यंग्य)
Ravi Prakash
झुका के सर, खुदा की दर, तड़प के रो दिया मैने
झुका के सर, खुदा की दर, तड़प के रो दिया मैने
Kumar lalit
"सेहत का राज"
Dr. Kishan tandon kranti
अपनी-अपनी विवशता
अपनी-अपनी विवशता
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अभिव्यक्ति के प्रकार - भाग 03 Desert Fellow Rakesh Yadav
अभिव्यक्ति के प्रकार - भाग 03 Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
अमीर
अमीर
Punam Pande
कदीमी याद
कदीमी याद
Sangeeta Beniwal
आज़माइश
आज़माइश
Dr. Seema Varma
प्रकृति का प्रकोप
प्रकृति का प्रकोप
Kanchan verma
मार गई मंहगाई कैसे होगी पढ़ाई🙏🙏
मार गई मंहगाई कैसे होगी पढ़ाई🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
!! बच्चों की होली !!
!! बच्चों की होली !!
Chunnu Lal Gupta
कह्र ....
कह्र ....
sushil sarna
मोहब्बत
मोहब्बत
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
!! पुलिस अर्थात रक्षक !!
!! पुलिस अर्थात रक्षक !!
Akash Yadav
कोई नाराज़गी है तो बयाँ कीजिये हुजूर,
कोई नाराज़गी है तो बयाँ कीजिये हुजूर,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
औरत अश्क की झीलों से हरी रहती है
औरत अश्क की झीलों से हरी रहती है
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
कभी लगते थे, तेरे आवाज़ बहुत अच्छे
कभी लगते थे, तेरे आवाज़ बहुत अच्छे
Anand Kumar
अटल-अवलोकन
अटल-अवलोकन
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
बदनाम से
बदनाम से
विजय कुमार नामदेव
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
मिट्टी की खुश्बू
मिट्टी की खुश्बू
Dr fauzia Naseem shad
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कितने उल्टे लोग हैं, कितनी उल्टी सोच ।
कितने उल्टे लोग हैं, कितनी उल्टी सोच ।
Arvind trivedi
लक्ष्मी
लक्ष्मी
Bodhisatva kastooriya
तुम्हें अहसास है कितना तुम्हे दिल चाहता है पर।
तुम्हें अहसास है कितना तुम्हे दिल चाहता है पर।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
जब कोई आदमी कमजोर पड़ जाता है
जब कोई आदमी कमजोर पड़ जाता है
Paras Nath Jha
Loading...