Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Jun 2016 · 1 min read

ग़ज़ल

उत्तर प्रदेश के कैराना की हालत को बयान करती एक ग़ज़ल
———————————————-
ग़ज़ल
—–
ज़ुबाँ पर ख़ौफ़ के ताले, दिलों में दर्दे रूखसत है।
बिकी जो मोल मिट्टी के, करोड़ों की विरासत है।

ये कैसे दौर से दो चार है तू, शहरे कैराना;
किसी पर मौत का साया, कहीं लुटने की दहशत है।

बचाकर जानो’ इज़्ज़त भागने की मुश्किलों में हम;
किसी को क्या बतायें, हर जगह ज़ालिम सियासत है।

भिड़ेगा कौन उन बेख़ौफ़ मुजरिम सरगनाओं से;
जिन्हें सत्ता की शह पर, मिल रही भरपूर ताक़त है।

पलायन की शिकायत भी किसी से कर नहीं सकते;
उन्हें ख़ामोश ही रहना है, ऐसी ही हिदायत है।

कई लोगों को तो ये सब, दिखाई ही नहीं देता;
अजब मासूमियत उनकी, ग़ज़ब उनकी नज़ाकत है।

हज़ारों हिन्दुओं की बेबसी पर, ऐसी ख़ामोशी;
भला है कौन कुर्सी पर, भला किसकी हुकूमत है।

कई कश्मीर गुपचुप पल रहे हैं देश के भीतर;
किसे तफ़तीश की फ़ुरसत, किसे इसकी इजाज़त है।

सियासतदान कुछ, इस देश को बरबाद कर देंगे;
कोई माने न माने, पर यही सच्ची हक़ीक़त है।

—-बृज राज किशोर

2 Comments · 393 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*देश का दर्द (मणिपुर से आहत)*
*देश का दर्द (मणिपुर से आहत)*
Dushyant Kumar
कबूतर
कबूतर
Vedha Singh
"तेरे वादे पर"
Dr. Kishan tandon kranti
महायज्ञ।
महायज्ञ।
Acharya Rama Nand Mandal
बेचारा जमीर ( रूह की मौत )
बेचारा जमीर ( रूह की मौत )
ओनिका सेतिया 'अनु '
मर्त्य ( कुंडलिया )
मर्त्य ( कुंडलिया )
Ravi Prakash
कुछ तो तुझ से मेरा राब्ता रहा होगा।
कुछ तो तुझ से मेरा राब्ता रहा होगा।
Ahtesham Ahmad
कब मिलोगी मां.....
कब मिलोगी मां.....
Madhavi Srivastava
आँखों से नींदे
आँखों से नींदे
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
मानव जीवन में जरूरी नहीं
मानव जीवन में जरूरी नहीं
Dr.Rashmi Mishra
जो गुज़र गया
जो गुज़र गया
Dr fauzia Naseem shad
Success is not final
Success is not final
Swati
शृंगारिक अभिलेखन
शृंगारिक अभिलेखन
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हँस लो! आज  दर-ब-दर हैं
हँस लो! आज दर-ब-दर हैं
दुष्यन्त 'बाबा'
2702.*पूर्णिका*
2702.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
प्रेम की अनुपम धारा में कोई कृष्ण बना कोई राधा
प्रेम की अनुपम धारा में कोई कृष्ण बना कोई राधा
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
प्राणदायिनी वृक्ष
प्राणदायिनी वृक्ष
AMRESH KUMAR VERMA
बसंत
बसंत
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
मनुष्य जीवन - एक अनसुलझा यक्ष प्रश्न
मनुष्य जीवन - एक अनसुलझा यक्ष प्रश्न
Shyam Sundar Subramanian
धानी चूनर में लिपटी है धरती जुलाई में
धानी चूनर में लिपटी है धरती जुलाई में
Anil Mishra Prahari
😊लघु-कथा :--
😊लघु-कथा :--
*Author प्रणय प्रभात*
मां गंगा ऐसा वर दे
मां गंगा ऐसा वर दे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
नजरिया-ए-नील पदम्
नजरिया-ए-नील पदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
सुविचार
सुविचार
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
बेमेल कथन, फिजूल बात
बेमेल कथन, फिजूल बात
Dr MusafiR BaithA
अंबेडकर की रक्तहीन क्रांति
अंबेडकर की रक्तहीन क्रांति
Shekhar Chandra Mitra
Lines of day
Lines of day
Sampada
पर्यावरण
पर्यावरण
Dr Parveen Thakur
Parents-just an alarm
Parents-just an alarm
Sukoon
शब्द अभिव्यंजना
शब्द अभिव्यंजना
Neelam Sharma
Loading...