Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Jul 2023 · 1 min read

*कभी मस्तिष्क से ज्यादा, हृदय से काम लेता हूॅं (हिंदी गजल)*

कभी मस्तिष्क से ज्यादा, हृदय से काम लेता हूॅं (हिंदी गजल)
—————————————-
1)
कभी मस्तिष्क से ज्यादा, हृदय से काम लेता हूॅं
नदी में पाल की नौका, सदृश खुद को मैं खेता हूॅं
2)
मुझे मालूम है कुछ कार्य, के मतलब नहीं होते
निरर्थक ही सही लेकिन, समय उनको भी देता हूॅं
3)
गृहस्थी में खुशी अपनी, बहुत मायने नहीं रखती
मैं मुखिया हूॅं अतः घर की, खुशी का मैं प्रणेता हूॅं
4)
कभी परिवार के भी संग, तो कुछ क्षण बिताने दो
नहीं हरगिज नहीं मैं हर, समय मैं सिर्फ नेता हूॅं
5)
कभी बाजार से निकला, दुकानों पर कभी बैठा
कभी मैं सिर्फ विक्रेता, कभी मैं एक क्रेता हूॅं
—————————————-
रचयिता : रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा,रामपुर,उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

438 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
बूढ़ी मां
बूढ़ी मां
Sûrëkhâ
अपनी मसरूफियत का करके बहाना ,
अपनी मसरूफियत का करके बहाना ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
बाल कविता: मेरा कुत्ता
बाल कविता: मेरा कुत्ता
Rajesh Kumar Arjun
हँस रहे थे कल तलक जो...
हँस रहे थे कल तलक जो...
डॉ.सीमा अग्रवाल
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
डॉ. श्री रमण 'श्रीपद्'
रद्दी के भाव बिक गयी मोहब्बत मेरी
रद्दी के भाव बिक गयी मोहब्बत मेरी
Abhishek prabal
"" *प्रताप* ""
सुनीलानंद महंत
कौन कहता है कि अश्कों को खुशी होती नहीं
कौन कहता है कि अश्कों को खुशी होती नहीं
Shweta Soni
जिंदगी कुछ और है, हम समझे कुछ और ।
जिंदगी कुछ और है, हम समझे कुछ और ।
sushil sarna
प्यार का नाम मेरे दिल से मिटाया तूने।
प्यार का नाम मेरे दिल से मिटाया तूने।
Phool gufran
खुश-आमदीद आपका, वल्लाह हुई दीद
खुश-आमदीद आपका, वल्लाह हुई दीद
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
उसकी जरूरत तक मैं उसकी ज़रुरत बनी रहीं !
उसकी जरूरत तक मैं उसकी ज़रुरत बनी रहीं !
Dr Manju Saini
😜 बचपन की याद 😜
😜 बचपन की याद 😜
*प्रणय प्रभात*
"हर बाप ऐसा ही होता है" -कविता रचना
Dr Mukesh 'Aseemit'
हुनर से गद्दारी
हुनर से गद्दारी
भरत कुमार सोलंकी
किसी से दोस्ती ठोक–बजा कर किया करो, नहीं तो, यह बालू की भीत साबित
किसी से दोस्ती ठोक–बजा कर किया करो, नहीं तो, यह बालू की भीत साबित
Dr MusafiR BaithA
इंद्रवती
इंद्रवती
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
* सुनो- सुनो गाथा अग्रोहा अग्रसेन महाराज की (गीत)*
* सुनो- सुनो गाथा अग्रोहा अग्रसेन महाराज की (गीत)*
Ravi Prakash
आप जितने सकारात्मक सोचेंगे,
आप जितने सकारात्मक सोचेंगे,
Sidhartha Mishra
मुहब्बत
मुहब्बत
Pratibha Pandey
कट गई शाखें, कट गए पेड़
कट गई शाखें, कट गए पेड़
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
*नासमझ*
*नासमझ*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
वेलेंटाइन डे
वेलेंटाइन डे
Surinder blackpen
मकर संक्रांति
मकर संक्रांति
Suryakant Dwivedi
लिखा भाग्य में रहा है होकर,
लिखा भाग्य में रहा है होकर,
पूर्वार्थ
तुम
तुम
Sangeeta Beniwal
3469🌷 *पूर्णिका* 🌷
3469🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
याद है पास बिठा के कुछ बाते बताई थी तुम्हे
याद है पास बिठा के कुछ बाते बताई थी तुम्हे
Kumar lalit
हमने सबको अपनाया
हमने सबको अपनाया
Vandna thakur
पौधरोपण
पौधरोपण
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...