Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#3 Trending Author
May 14, 2022 · 2 min read

कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग८]

आप कहते हो मेरे पापा,
यह रस्म बहुत पुराना है।
मैंने ही नहीं सदियों से
लोगों ने इसको माना है।

सतयुग में भी जनक जी ने
सीता का कन्यादान किया था।
देकर राम के हाथों में हाथ,
अपना पुण्य धाम किया था।

मैं पूँछती हूँ, मेरे पापा!
क्या सीता ने सुख जाना।
क्यों जीवन भर वन-वन भटकी,
पर कहती रही मैके न जाना।

किस अधिकार से जाती पापा?
जहाँ से दे दिया गया उनको दान,
दान देकर उनको पिता ने,
क्या रखा उनका कोई मान?

यह रस्म निभाने मे पापा
क्या नही हुआ उनका अपमान।
जिन्हें मान रखना था उनका
उन्होने ही दे दिया उनको दान।

मेरा मानना है, पापा !
जब सीता जी ने मैके
जाने का सोचा होगा,
यह दान की रस्म ने ही,
उनको जाने से पहले टोका होगा।
किस अधिकार से तुम जाओगे,
यह कहकर रोका होगा।

रहा सवाल जनक जी के
पुण्य धाम का,
मै पूँछती मेरे पापा!
क्या कोई पिता बेटी को
कष्ट मे देखकर सुखी रह सकता है?
क्या वह कभी खुश रह सकता है?

काश पापा जनक जी ने
सीता का कन्यादान न किया होता।
सीता जी को अपनी अन्दर की शक्ति से,
जनक जी ने परिचय कराया होता।

फिर कोई रावण उनको कभी,
हरने की हिम्मत न कर पाता।
और छल से हर भी लिया तो
रावण को मारने के लिए
राम की जरूरत न पड़ता ।

फिर देखते आप ,पापा!
रावण को मारने के लिए
राम नही सीता ही काफी होती।
और यों इस जग के लिए सीता
अबला का रूप न होती।

~अनामिका

3 Likes · 2 Comments · 109 Views
You may also like:
माँ
सूर्यकांत द्विवेदी
डर कर लक्ष्य कोई पाता नहीं है ।
Buddha Prakash
कृष्ण पक्ष// गीत
Shiva Awasthi
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे
Pt. Brajesh Kumar Nayak
【22】 तपती धरती करे पुकार
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
🌺🌺Kill your sorrows with your willpower🌺🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भ्राता - भ्राता
Utsav Kumar Aarya
फिक्र ना है किसी में।
Taj Mohammad
जिंदगी को खामोशी से गुज़ारा है।
Taj Mohammad
✍️बस इतनी सी ख्वाईश✍️
"अशांत" शेखर
🌺🌻🌷तुम मिलोगे मुझे यह वादा करो🌺🌻🌷
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जिन्दगी मे कोहरा
Anamika Singh
मेरे बुद्ध महान !
मनोज कर्ण
अपना भारत देश महान है।
Taj Mohammad
श्री अग्रसेन भागवत ः पुस्तक समीक्षा
Ravi Prakash
कलम के सिपाही
Pt. Brajesh Kumar Nayak
धरती से मिलने को बादल जब भी रोने लग गया।
सत्य कुमार प्रेमी
'बाबूजी' एक पिता
पंकज कुमार "कर्ण"
विषय:सूर्योपासना
Vikas Sharma'Shivaaya'
पथ पर बैठ गए क्यों राही
Anamika Singh
ठाकरे को ठोकर
Rj Anand Prajapati
एक शहीद की महबूबा
ओनिका सेतिया 'अनु '
"एक नज़्म लिख रहा हूँ"
Lohit Tamta
*संस्मरण : श्री गुरु जी*
Ravi Prakash
बरगद का पेड़
Manu Vashistha
नदी सदृश जीवन
Manisha Manjari
प्रकृति
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मत भूलो देशवासियों.!
Prabhudayal Raniwal
'पिता' संग बांटो बेहद प्यार....
Dr. Alpa H. Amin
मिट्टी की कीमत
निकेश कुमार ठाकुर
Loading...