Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Apr 2024 · 1 min read

“कदर”

“कदर”
तेरी तारीफ बयां जब हो जाएगी,
चाँद की भी कदर कम हो जाएगी।
जज्बातों को गर अल्फाजों में ढालूँ,
समन्दर की लहरें भी कम पड़ जाएगी।

1 Like · 1 Comment · 33 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
जय हनुमान
जय हनुमान
Santosh Shrivastava
जय जगन्नाथ भगवान
जय जगन्नाथ भगवान
Neeraj Agarwal
#ग़ज़ल
#ग़ज़ल
*Author प्रणय प्रभात*
धर्म जब पैदा हुआ था
धर्म जब पैदा हुआ था
शेखर सिंह
वाक़िफ नहीं है कोई
वाक़िफ नहीं है कोई
Dr fauzia Naseem shad
आखिरी अल्फाजों में कहा था उसने बहुत मिलेंगें तेरे जैसे
आखिरी अल्फाजों में कहा था उसने बहुत मिलेंगें तेरे जैसे
शिव प्रताप लोधी
प्रेम
प्रेम
Mamta Rani
मेरी जिंदगी में जख्म लिखे हैं बहुत
मेरी जिंदगी में जख्म लिखे हैं बहुत
Dr. Man Mohan Krishna
सूखी टहनियों को सजा कर
सूखी टहनियों को सजा कर
Harminder Kaur
प्रेम जब निर्मल होता है,
प्रेम जब निर्मल होता है,
हिमांशु Kulshrestha
क़त्ल काफ़ी हैं यूँ तो सर उसके
क़त्ल काफ़ी हैं यूँ तो सर उसके
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
गोस्वामी तुलसीदास
गोस्वामी तुलसीदास
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
परफेक्ट बनने के लिए सबसे पहले खुद में झांकना पड़ता है, स्वयं
परफेक्ट बनने के लिए सबसे पहले खुद में झांकना पड़ता है, स्वयं
Seema gupta,Alwar
पत्नी के जन्मदिन पर....
पत्नी के जन्मदिन पर....
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
मौन पर एक नजरिया / MUSAFIR BAITHA
मौन पर एक नजरिया / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
23/167.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/167.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
नील पदम् के बाल गीत Neel Padam ke Bal Geet #neelpadam
नील पदम् के बाल गीत Neel Padam ke Bal Geet #neelpadam
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
बिखरने की सौ बातें होंगी,
बिखरने की सौ बातें होंगी,
Vishal babu (vishu)
आत्मा की शांति
आत्मा की शांति
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
मां का आंचल(Happy mothers day)👨‍👩‍👧‍👧
मां का आंचल(Happy mothers day)👨‍👩‍👧‍👧
Ms.Ankit Halke jha
बलराम विवाह
बलराम विवाह
Rekha Drolia
कल रहूॅं-ना रहूॅं...
कल रहूॅं-ना रहूॅं...
पंकज कुमार कर्ण
मेरे शब्दों में जो खुद को तलाश लेता है।
मेरे शब्दों में जो खुद को तलाश लेता है।
Manoj Mahato
बताती जा रही आंखें
बताती जा रही आंखें
surenderpal vaidya
ताउम्र जलता रहा मैं तिरे वफ़ाओं के चराग़ में,
ताउम्र जलता रहा मैं तिरे वफ़ाओं के चराग़ में,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
किताब
किताब
Sûrëkhâ
*चंद्रयान (बाल कविता)*
*चंद्रयान (बाल कविता)*
Ravi Prakash
छठ व्रत की शुभकामनाएँ।
छठ व्रत की शुभकामनाएँ।
Anil Mishra Prahari
अभी और कभी
अभी और कभी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
"औरत"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...