Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Oct 14, 2016 · 1 min read

ऐ बचपना

ऐ बचपना, मुझे जाने दे
आगे बड़ना है मुझे
तेरी मासूमियत को छोड़कर
मुसीबतों से लड़ना है मुझे
तू बहुत नादान है
मेरे चेहरे की मुस्कान है
पर अब दुनिया को समझना है मुझे
तेरी शैतानियों को छोड़कर
मुसीबतों से लड़ना है मुझे
मेरे दिल में अपना घर बनाया था
मीठे सपनो से तूने सजाया था
उन्ही सपनो के लिए
आगे बड़ना है मुझे
तेरी यादो को छोड़कर
मुसीबतों से लड़ना है मुझे
तेरी आहट से हर पल को जीते थे हम
तेरे साये में महफूज़ रहते थे हम
पर अब अकेले ही चलना है मुझे
तेरी आदतों को छोड़कर
मुसीबतों से लड़ना है मुझे
– सोनिका मिश्रा

1 Like · 360 Views
You may also like:
बंदर भैया
Buddha Prakash
*अध्यात्म ज्योति :* अंक 1 ,वर्ष 55, प्रयागराज जनवरी -...
Ravi Prakash
“ गंगा ” का सन्देश
DESH RAJ
🙏मॉं कालरात्रि🙏
पंकज कुमार "कर्ण"
शांत वातावरण
AMRESH KUMAR VERMA
बदनाम दिल बेचारा है
Taj Mohammad
मन सीख न पाया
Saraswati Bajpai
अन्याय का साथी
AMRESH KUMAR VERMA
तेरे हाथों में जिन्दगानियां
DESH RAJ
पावन पवित्र धाम....
Dr. Alpa H. Amin
योग तराना एक गीत (विश्व योग दिवस)
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जल की अहमियत
Utsav Kumar Aarya
A pandemic 'Corona'
Buddha Prakash
शहीद की बहन और राखी
DESH RAJ
💐 निगोड़ी बिजली 💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कविता पर दोहे
Ram Krishan Rastogi
कठपुतली न बनना हमें
AMRESH KUMAR VERMA
मदिरा और मैं
Sidhant Sharma
#पूज्य पिता जी
आर.एस. 'प्रीतम'
मां सरस्वती
AMRESH KUMAR VERMA
जिन्दगी की रफ़्तार
मनोज कर्ण
परिवार
Dr Meenu Poonia
ईद में खिलखिलाहट
Dr. Kishan Karigar
//स्वागत है:२०२२//
Prabhudayal Raniwal
उतरते जेठ की तपन / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
हवा-बतास
आकाश महेशपुरी
मानव तू हाड़ मांस का।
Taj Mohammad
तप रहे हैं प्राण भी / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
【11】 *!* टिक टिक टिक चले घड़ी *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
थियोसॉफी की कुंजिका (द की टू थियोस्फी)* *लेखिका : एच.पी....
Ravi Prakash
Loading...